युद्ध नशा के विरुद्ध: 12 दिनों में 875 FIR, 1188 तस्कर गिरफ्तार; बुलडोजर एक्शन में अब तक क्या-क्या हुआ
पंजाब सरकार के युद्ध नशों के विरुद्ध अभियान के तहत 12 दिनों में 875 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 1188 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। 35 लाख रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि अभियान के दौरान 68 किलोग्राम हेरोइन 873 किलोग्राम पोस्ता भूसी 42 किलोग्राम अफीम 3.5 किलोग्राम चरस और 674370 नशीली गोलियां जब्त की गई हैं।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान के तहत 12 दिनों में 875 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 1188 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और 35 लाख रुपये की ड्रग मनी जब्त की गई है।
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि 68 किलोग्राम हेरोइन, 873 किलोग्राम पोस्ता भूसी, 42 किलोग्राम अफीम, 3.5 किलोग्राम चरस और 6,74,370 नशीली गोलियों सहित अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, एक व्यापक जागरुकता अभियान सक्रिय रूप से चलाया जा रहा है, जो लोगों को नशा मुक्त और समृद्ध पंजाब के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहा है।
हरपाल चीमा ने पिछली सरकारों की आलोचना की
चीमा ने पंजाब में नशीली दवाओं की महामारी पैदा करने और उसे बढ़ावा देने के लिए शिरोमणि अकाली दल (शिअद)-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इन पार्टियों पर सोची-समझी रणनीति के तहत पंजाब के युवाओं को नशे की ओर धकेलने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि 2007 से पहले पंजाब ने हेरोइन या 'चिट्टा' जैसी सिंथेटिक दवाओं के बारे में कभी नहीं सुना था। अकाली-भाजपा शासन के दौरान ही इन दवाओं ने पंजाब में प्रवेश किया और हमारे युवाओं को बर्बाद कर दिया। नौकरियां और अवसर प्रदान करने के बजाय उन्होंने पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे की लत में फंसाने के लिए एक साजिश रची।
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2017 में झूठी शपथ ली थी और चार सप्ताह के भीतर नशीली दवाओं को खत्म करने का वादा किया था। इसके बजाय, उनकी सरकार ने नशीली दवाओं के तस्करों के साथ संबंध और मजबूत किये। लोगों ने 2022 में उन्हें खारिज कर दिया।
आप के कार्यकाल में सजा की दर 86 प्रतिशत
चीमा ने कहा कि आप के कार्यकाल में सजा की दर 86 प्रतिशत हो गई है, वहीं कांग्रेस शासन के दौरान यह काफी कम 58 प्रतिशत थी और अकाली-भाजपा सरकार के तहत तो यह केवल 40 प्रतिशत थी।
चीमा ने यह भी बताया कि कुछ जिलों ने 90 प्रतिशत से अधिक सजा दर हासिल की है, जैसे संगरूर में 93 प्रतिशत, नवांशहर में 99 और रोपड़ में 95 प्रतिशत।
उन्होंने इन परिणामों का श्रेय एक मजबूत प्रणाली को दिया जो कुशल अभियोजन, उन्नत जांच एजेंसियों और मजबूत पंजाब पुलिस को एकीकृत करती है।
चीमा ने पूरे भारत में मादक पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा देने के लिए शिअद-भाजपा की भी आलोचना की और गुजरात को नशीले पदार्थों का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि यह कोई रहस्य नहीं है कि गुजरात नशीली दवाओं की तस्करी का केंद्र है। देश भर में नशीली दवाओं के प्रसार को बढ़ावा देने के लिए शिअद-भाजपा गठबंधन सीधे तौर पर जिम्मेदार है।
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