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    'इंदौर जैसा हो सकता है हाल', चंडीगढ़ प्रशासन के लिए वेक-अप कॉल, सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त करने की मांग

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 02:16 PM (IST)

    इंदौर की घटना के बाद, सेकेंड इनिंग्स एसोसिएशन ने चंडीगढ़ प्रशासन को शहर की 70 साल पुरानी जल और सीवरेज व्यवस्था पर तुरंत कार्रवाई करने की चेतावनी दी है ...और पढ़ें

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    चंडीगढ़: सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त करने की मांग (प्रतिकात्मक तस्वीर)

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। एमपी के इंदौर में हाल ही में हुई दर्दनाक घटना ने देशभर के शहरी प्रशासन के सामने एक गंभीर चेतावनी खड़ी कर दी है। इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि जर्जर बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा आम नागरिकों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ सकता है।

    इसी के मद्देनजर सेकेंड इनिंग्स एसोसिएशन ने चंडीगढ़ प्रशासन को कड़ा संदेश देते हुए शहर की जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

    फेज-1 सेक्टरों में सबसे अधिक खतरा

    एसोसिएशन के अनुसार, चंडीगढ़ के फेज-1 के कई सेक्टरों में जल और सीवरेज की लाइनें 70 साल से अधिक पुरानी हो चुकी हैं। इन लाइनों के कारण आए दिन दूषित, बदबूदार और काले पानी की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके बावजूद अब तक इनके स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    30 प्रतिशत से अधिक पानी लीकेज

    एसोसिएशन ने प्रशासनिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि आधिकारिक रिकॉर्ड में 30 प्रतिशत से अधिक पानी की लीकेज दर्ज है। यह लीकेज न केवल पानी की भारी बर्बादी का कारण बन रही है, बल्कि पेयजल को दूषित कर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा कर रही है।

    एसोसिएशन का कहना है कि इस खतरे को लेकर कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    अब देरी का कोई बहाना नहीं: एसोसिएशन 

    एसोसिएशन ने कहा कि जब यूटी प्रशासक को 100 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति देने का अधिकार मिल चुका है, तो जल और सीवरेज लाइनों के फेज वाइज रिप्लेसमेंट में देरी का कोई मतलब नहीं रह जाता। पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद जनहित से जुड़े मुद्दों की अनदेखी करना समझ से परे है।

    ‘सिस्टम फेलियर’ कहकर जिम्मेदारी से बच रहे

    एसोसिएशन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी अप्रिय घटना के बाद “सिस्टम फेलियर” कह देना प्रशासन की जिम्मेदारी से मुक्ति नहीं दिला सकता। जब समय रहते चेतावनी दी जा रही है, तब तत्काल निर्णय और ठोस कार्रवाई ही सुशासन की पहचान होती है।

    इंदौर की त्रासदी को वेक-अप कॉल माने प्रशासन

    सेकेंड इनिंग्स एसोसिएशन ने चंडीगढ़ प्रशासन से अपील की है कि वह इंदौर जैसी किसी घटना का इंतजार न करें, बल्कि इसे एक गंभीर वेक-अप कॉल मानते हुए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए।

    एसोसिएशन को उम्मीद है कि प्रशासक के नेतृत्व में शहर की दशकों पुरानी जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में शीघ्र निर्णय लिए जाएंगे।