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मां और पिता ने सवा दो साल की बच्ची को लावारिस छोड़ा, शास्त्री मार्केट की पार्किंग से रेस्क्यू

चंडीगढ़ में चाइल्ड लाइन ने ढाई साल की बच्ची को भीड़भाड़ वाली शास्त्री मार्केट से रेस्क्यू किया है. बच्ची को पांच बेटियों के पिता ने छोड़ा था. बच्ची को अकेला देख स्थानीय दुकानदारों ने महिला एवं बाल विकास विभाग की हेल्पलाइन 181 की टीम को सूचित किया था।

By Ankesh ThakurEdited By: Sun, 20 Feb 2022 02:29 PM (IST)
मां और पिता ने सवा दो साल की बच्ची को लावारिस छोड़ा, शास्त्री मार्केट की पार्किंग से रेस्क्यू
बच्ची को टीम ने सेक्टर- पंद्रह में आशियाना में रखा है।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़, ममता और प्यार को नकारते हुए पहले मां और उसके बाद पिता ने करीब सवा दो साल की बच्ची को सेक्टर-22 स्थित शास्त्री मार्केट में अकेला छोड़ दिया। बच्ची को अकेला देख स्थानीय दुकानदारों ने महिला एवं बाल विकास विभाग की हेल्पलाइन 181 की टीम को सूचित किया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर बच्ची को रेसक्यू किया और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को हैंडओवर किया है।

181 प्रोजेक्ट मैनेजर विक्रम ने बताया कि मार्केट के अन्य दुकानदारों के अनुसार बच्ची की मां करीब दो महीने पहले से मिसिंग चल रही थी। पिता कहता था कि बच्ची उन्हें छोड़कर चली गई है। वह बच्ची और पति से प्यार नहीं करती थी और पिता भी नशेड़ी था, जिसके चलते वह बच्ची की ठीक से देखभाल नहीं कर रहा था। शनिवार को सुबह बच्ची अकेली रेहड़ी पर मिली, जिसके पिता की खोज की गई. लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। बच्ची को अकेला देखकर 181 हेल्पलाइन पर काल की गई, जिसके बाद मेडिकल करवाकर बच्ची को सेक्टर-15 स्थित आशियाना में छोड़ा गया है।

इंसानियत हो रही शर्मसार-

सवा दो साल की बच्ची को रेसक्यू करने से पहले भी एक पिता दो जुड़वा बच्चियों को जन्म के बाद पीजीआई छोड़कर चला गया था। जुलाई 2021 में बच्चों को जन्म देते हुए मां का देहांत हो गया था और पिता दोनों बच्चियों को छोड़कर चला गया। बच्चियों को अकेला देख जब पिता का पता किया तो वह अंबाला में रहने वाला निकला।पिता के पास पहले भी पांच बच्चे थे, जिसमें से सबसे बड़ी बेटी की शादी भी हो चुकी थी। पत्नी की मौत के बाद वह दोनों बच्चों को पालना नहीं चाहता था, जिसके चलते वह उन्हें अकेला पीजीआई छोड़ निकल गया था। उन बच्चों को भी चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 ने रेसक्यू करके आशियाना छोड़ा था।