सुखबीर सिंह बादल का इस्तीफा मंजूर, अकाली दल का होगा फिर से गठन; एक मार्च को मिलेगा नया अध्यक्ष
Punjab Politics News पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल का इस्तीफा मंजूर हो गया है। उन्होंने पिछले साल 16 नवंबर को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। अब शिअद का पुनर्गठन किया जाएगा और इस बाबत एक कमेटी बनाई गई है जो नई मेंबरशिप बनाएगी। 1 मार्च को शिरोमणि अकाली दल को नया अध्यक्ष मिलेगा।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। 55 दिन की लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की वर्किंग कमेटी ने पार्टी के अब तक के इतिहास के सबसे लंबे समय तक प्रधान रहने वाले सुखबीर सिंह बादल का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। नए प्रधान का चुनाव एक मार्च को होगा।
सुखबीर बादल 2008 में प्रधान बने थे। तीन दशक की राजनीति में बादल परिवार के सामने यह पहला मौका है जब उनका पार्टी पर कब्जा नहीं रहा है।
हालांकि, जिस प्रकार से नए चुनाव, भर्ती अभियान को लेकर नेताओं की ड्यूटी लगाई है। विरोधी गुट को पंजाब से बाहर रखा गया है, उससे साफ है कि एक मार्च को उनका फिर से प्रधान बनना भी तय है। लेकिन इस डेढ़ महीने में अकाली दल की प्रधानगी बादल परिवार के पास नहीं रहेगी।
हर पांच साल में बदलता है ढांचा
पार्टी हर पांच साल बाद अपना नया ढांचा बनाती है लेकिन इससे पहले यह कभी नहीं हुआ कि सुखबीर बादल को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया हो।
यहां तक कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा हो। खास बात यह है कि शिअद वर्किंग कमेटी की शुक्रवार को दो घंटे से ज्यादा लंबे समय तक चली बैठक में सुखबीर बादल की मौजूदगी में ही उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।
20 फरवरी तक चलेगा सदस्यता अभियान
पार्टी के सीनियर अनुसूचित जाति के नेता गुलजार सिंह राणिके को चुनाव अधिकारी बनाया गया है। डॉ. दलजीत सिंह चीमा सचिव के रूप में उनके साथ रहेंगे।
डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि बीस जनवरी से बीस फरवरी तक चलने वाले सदस्यता अभियान के तहत 25 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य है।
एक मार्च को पार्टी के डेलीगेट्स नए प्रधान को चुनेंगे। डॉ. चीमा ने बताया कि नया प्रधान चुने जाने तक पार्टी के कार्यकारी प्रधान बलविंदर सिंह भूंदड़ और संसदीय बोर्ड ही पार्टी का संचालन करते रहेंगे।
गुरप्रताप सिंह वडाला कमेटी से बाहर
श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से भर्ती अभियान को चलाने वाली सात सदस्यीय कमेटी में से पूर्व विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला को बाहर रखा गया है। डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार 1 मार्च से 30 अप्रैल तक डेढ़ लाख पौधे लगाए जाएंगे।
पूर्व पीएम और ओपी चौटाला के निधन पर शोक
बैठक के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और पूर्व मंत्री अजायब सिंह मुखमैलपुर के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया गया। इसी तरह चंडीगढ़ में सलाहकार की जगह मुख्य सचिव नियुक्त करने के फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया।
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