चंडीगढ़, [इन्द्रप्रीत सिंह]। पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हमलावर विपक्ष ने सरकार को बुरी तरह घेर लिया। सरकार बुरी हालत में फंस गई तो सीनियर मंत्रियों ने मोर्चा संभाला और हालत पर काबू पाने की कोशिश की। ब्रह्म मोहिंदरा, चरणजीत सिंह चन्‍नी और तृप्‍त राजिंदर सिंह बाजवा ने कांग्रेस विधायकों को एकजुट कर विपक्ष के हमलों का जवाब देने को तैयार किया।

 पर्दे के पीछे की राजनीति में शामिल रहे मोहिंदरा, बाजवा व चन्नी

कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु और डीजीपी दिनकर गुप्ता को हटाने की मांग को लेकर वेल में नारेबाजी कर रहे पूरे विपक्ष को स्पीकर राणा कंवरपाल सिंह ने सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया तो सत्ता पक्ष में खलबली मच गई। दरअसल अकाली दल के विधायकों द्वारा विधानसभा के रिपोर्टरों के स्पीकर बंद करने से स्पीकर नाराज थे।

पहले से दो-दो अहम मुद्दों पर बुरी तरह से घिरी कांग्रेस को लगा कि विधायकों को सदन से बाहर निकालने से स्थिति विस्फोटक हो सकती है। इससे पहले कि मार्शल विपक्ष के विधायकों को सदन से बाहर करने की कार्रवाई शुरू करते स्पीकर ने कार्यवाही को स्थगित कर दिया। मार्शल भी विपक्षी विधायकों को बाहर ले जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। विधायकों को घसीटकर बाहर निकाला जाए, इससे पहले यू टर्न ले लिया गया।

विधायकों को बाहर ले जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए मार्शल

इसके बाद तीन सीनियर मंत्री संसदीय कार्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और पर्यटन मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी दौड़कर स्पीकर के चैंबर में पहुंचे। पांच मिनट के लिए स्पीकर के कमरे में तीनों मंत्रियों, डीआइजी रणबीर सिंह खटड़ा और विधानसभा के अधिकारियों की मीटिंग हुई। मंत्रियों ने विधायकों को सदन से न निकालने के बारे में राय दी।

स्पीकर ने कहा कि वह फैसला ले चुके हैं, लेकिन मंत्रियों ने दबाव बनाए रखा। तय हुआ कि सदन में एक मंत्री विपक्ष को माफी देने संबंधी अपनी बात रखेगा जिस पर संसदीय कार्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा इसका समर्थन करेंगे। उसके बाद स्पीकर कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर देंगे।

15 मिनट बाद सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई। वेल में नारेबाजी कर रहे आप और अकाली दल के विधायक अपनी-अपनी सीटों पर जाकर बैठ गए। चन्नी ने स्पीकर से कहा कि विपक्षी सदस्यों द्वारा सदन की कार्यवाही नोट कर रहे रिपोर्टरों के स्पीकर की तारें निकालना गलत है, लेकिन आप इसे नजरअंदाज कर दें। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने जो मुद्दे उठाना चाहता है, मुख्यमंत्री मंगलवार को उस पर अपना बयान दे ही देंगे। तभी अकाली दल के विधायकों ने फिर से वेल में जाकर विरोध करना शुरू कर दिया और डीजीपी दिनकर गुप्ता को बर्खास्त करने की मांग करते रहे।

मोहिंदरा ने कहा, चेतावनी दे दें

संसदीय कार्यमंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने भी कहा कि विपक्षी सदस्यों को सदन से न निकाला जाए, आप इन्हें चेतावनी दे दें। स्पीकर ने विधायकों को नेम करने के अपने फैसले पर कोई बात करने की बजाय सदन की कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया।

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