Punjab News: अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे राजस्व अधिकारी, कई सेवाओं पर पड़ेगा असर; जानें क्या है मामला?
राज्य के निवासियों को सोमवार से कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। राजस्व अधिकारियों ने अपने संघ के अध्यक्ष सुखचरण सिंह चन्नी की गिरफ्तारी को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार से बातचीत करने पर भी कोई हल न निकलने के कराण मजबूरन हड़ताल पर जाना पड़ रहा है। सरकार ने इन लोगों की शिकायतों को नजरअंदाज किया है।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। राज्य के राजस्व अधिकारियों ने आगामी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है।
राजस्व अधिकारी संघ के अध्यक्ष सुखचरण सिंह चन्नी ने बताया कि यह कदम सरकार की ओर से उनके मुद्दों को सुलझाने में लापरवाही और संघ के अध्यक्ष सुखचरण सिंह चन्नी की कथित अवैध गिरफ्तारी के विरोध में उठाया गया है।
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मुझे इस मामले में धोखे से फ्रेम किया गया है: चन्नी
चन्नी ने बताया कि उन्हें विजिलेंस ब्यूरो की ओर से जानबूझ कर फंसाया गया था। इस मामले में मुझे धोखे से फ्रेम किया गया।
पंजाब राजस्व अधिकारी संघ ने सरकार की ओर से उनके साथ किए जा रहे अनुचित व्यवहार पर भी चिंता जताई है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने उनकी शिकायतों को नजर अंदाज किया है, जिससे अधिकारी असहाय महसूस कर रहे हैं।
सरकार के साथ बात करने के बाद भी हल न निकलने पर की जा रही है हड़ताल
उन्होंने कहा कि सरकार के साथ बार-बार बातचीत करने के बावजूद भी उनकी मांगों का कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला। यही कारण है कि संघ को यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि इस हड़ताल से जनता को असुविधा हो सकती है लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास अब और कोई विकल्प नहीं बचा है।
मांगों के पूरा होने तक जारी रहेगी हड़ताल
संघ की प्रमुख मांगों में उनके अध्यक्ष की गिरफ्तारी को लेकर न्याय सुनिश्चित करना प्रमुख रूप से शामिल है। इस हड़ताल के कारण पंजाब में राजस्व से संबंधित प्रमुख सेवाओं में रुकावट की संभावना है जिससे सरकार पर मामले को जल्द सुलझाने का दबाव बढ़ेगा।
राजस्व अधिकारियों ने कहा कि बीते दिनों वे इस मामले को लेकर राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री से मिले थे। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से एक आइएएस अधिकारी से करवाई जाएगी लेकिन इस मामले में न तो जांच शुरू हुई और न ही विजिलेंस के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।
जब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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