मिलिए व्हीलचेयर मॉडल सौम्या ठाकुर से, पहले रैंप वॉक कर कमाया नाम; अब बाकियों को करती हैं प्रेरित
सौम्या ठाकुर ने वर्ष 2007 मेंअपनी एमबीए की। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी के कई डिपार्टमेंट में रैंप बनवाए। वह स्टूडेंट वेलफेयर संस्था रोट्रेक्ट की वह ...और पढ़ें

चंडीगढ़, [शंकर सिंह]। पंजाब यूनिवर्सिटी का बिजनेस स्कूल। जहां सामान्य विद्यार्थियों के लिए एमबीए में एडमिशन पाना मुश्किल होता है। वहीं, सौम्या ठाकुर ने शारीरिक अक्षमता को पीछे छोड़ते हुए यहां एडमिशन लिया और आइटी में एमबीए की। खास बात कि यूनिवर्सिटी के बिजनेस स्कूल में दिव्यांग स्टूडेंट्स के लिए कोई रैंप नहीं था। सौम्या वहां पहली स्टूडेंट रहीं, जो दिव्यांग थी, ऐसे में उन्होंने वहां रैंप बनाने की पेशकश की, ताकि वहां कोई दिव्यांग स्टूडेंट अगर एडमिशन ले, तो उसे कोई दिक्कत न हो। 26 वर्षीय सौम्या ने केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि रैंपवॉक में भी अपना नाम कमाया है। इन दिनों वह दिव्यांग स्टूडेंट्स को करियर काउंसलिंग देती हैं।
डॉक्टर ने ज्यादा पढ़ने से मना किया था
सौम्या ने कहा कि जब वह 11 दिन की थी, तो मालिश करने वाली आया ने उन्हें गिरा दिया। जिसकी वजह से उन्हें फ्रेक्चर हुआ। डॉक्टर ने भी गलत ट्रीटमेंट दिया, जिसकी वजह से वह जीवनभर व्हीलचेयर पर बैठने को मजबूर हुई। उनका इलाज दिल्ली के एम्स में भी चला। वहां डॉक्टर ने परिवार को सतर्क किया कि इसे ज्यादा पढ़ाई न करने दें, दिमाग पर प्रेशर खतरनाक है। मगर सौम्या ने फिर भी पढ़ाई की और एमबीए की पढ़ाई पूरी की।
पंजाब यूनिवर्सिटी के विभिन्न डिपार्टमेंट में बनाए रैंप
सौम्या ने कहा कि वर्ष 2007 में उन्होंने अपनी एमबीए की। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी के कई डिपार्टमेंट में रैंप बनवाए। स्टूडेंट वेलफेयर संस्था रोट्रेक्ट की वह डायरेक्टर भी रहीं। सौम्या ने कहा कि सामान्य बच्चों के साथ दिव्यांग बच्चे पढ़ सकते हैं, बशर्ते उनके मुताबिक इन्फ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए। ऐसे में हमने चार से पांच डिपार्टमेंट में रैंप बनवाए, आगे भी कई डिपार्टमेंट में हम इस तरह के रैंप बनवा रहे हैं।
दिव्यांगों के लिए शुरू किया पैजेंट शो
सौम्या ने ग्लैमर इंडस्ट्री में भी नाम बनाया। वर्ष 2018 में सौम्या ने शालिनी विसाकन की पोशाक पहनकर रैंपवॉक की। इसके बाद मिस कोहिनूर पंजाबण ने एकमात्र व्हीलचेयर मॉडल कर रैंपवॉक की। जल्द ही सौम्या मुंबई में आयोजित होने वाले मिस एशिया में हिस्सा लेंगी, जिसे अगले वर्ष से दिव्यांगों के लिए पहला पैजेंट शो बनाया जाएगा। सौम्या ने कहा कि दिव्यांगों को दया की दृष्टि से देखा जाता है, मैं चाहती हूं कि लोग अब उनकी प्रतिभा का भी सम्मान करें।

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