यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बेअंत सिंह के पोते को डीएसपी बनाने पर घिरी कैप्टन अमरिंदर सरकार
पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते गुरइकबाल सिंह को डीएसपी बनाने पर घिर ...और पढ़ें

जेएनएन, चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते व सांसद रवनीत बिट्टू के भाई गुरइकबाल सिंह को डीएसपी भर्ती करने को लेकर कांग्रेस सरकार घिरती नजर आ रही है। शिरोमणि अकाली दल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गुरइकबाल को नौकरी देने के लिए सरकार ने नियमों में बदलाव किया है।
शिअद ने कहा, गुरइकबाल की नियुक्ति में सरकार ने नियम ताक पर रखे
इतना ही नहीं दूसरे राज्य से बीकॉम की डिग्री लेने वाले को डीएसपी बना दिया, जबकि सरकार ने क्लर्क के रूप में चुने गए 192 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र से इसलिए इन्कार कर दिया था क्योंकि उन्होंने राज्य के बाहर से स्नातक की डिग्री ली थी।
अकाली दल के प्रवक्ता व पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। गुरइकबाल सिंह को नौकरी देने के लिए कैप्टन सरकार ने न सिर्फ उम्र की अधिकतम सीमा में छूट दी बल्कि पत्राचार के माध्यम से दिल्ली के एमएस इंस्टीट्यूट के जरिये पेरियर यूनिवर्सिटी से हासिल की गई बीकॉम की डिग्री को भी मान्यता दी।
देखें तस्वीरें: बीमार मां से मिलवाने नहीं ले गया पति तो महिला ने दे दी जान
डा. चीमा ने गुरइकलाब की नियुक्ति को रद करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को यह भी स्पष्टीकरण देना चाहिए कि आखिर सरकार ने 192 उम्मीदवारों को किस नियम के तहत नौकरी देने से इन्कार किया था।
भट्ठल का ही जुर्माना क्यों माफ किया?
अकाली दल ने पंजाब कैबिनेट द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल का 84 लाख रुपये का जुर्माना माफ किए जाने की भी निंदा की है। चीमा ने कहा कि सरकार ने केवल भट्ठल पर ही मेहरबानी की जबकि और भी विधायक थे जिनसे जुर्माने के साथ पूरी रकम वसूल की गई थी।
