नेपाल में महंगा पड़ा बिना अनुमति ऑपरेशन, गृह मंत्रालय ने पंजाब पुलिस को जमकर सुनाया; जारी किए सख्त निर्देश
पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने फरवरी में बिना अनुमति के नेपाल के काठमांडू में एक ऑपरेशन चलाया था। इस कार्रवाई की न तो भारत के गृह मंत्रालय से अनुमति ली गई और न ही नेपाल पुलिस को इसकी सूचना दी गई। नतीजतन नेपाल पुलिस ने पंजाब पुलिस के अधिकारियों को हिरासत में ले लिया। इस मामले में गृह मंत्रालय ने दिशा-निर्देश का पत्र जारी किया है।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब पुलिस को बिना अनुमति के पड़ोसी देश नेपाल में ऑपरेशन करना महंगा पड़ गया। फरवरी माह के दौरान पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के लगभग आधा दर्जन अधिकारियों की एक टीम काठमांडू के नागार्जुन इलाके में एक रेस्तरां के पास आपरेशन को अंजाम देने के लिए गई थी।
यह ऑपरेशन नशे के मामले में एक वांछित अपराधी को पकड़ने को लेकर था। ऑपरेशन करने से पहले पंजाब पुलिस ने न तो गृह मंत्रालय से इसकी अनुमति ली और न ही इसकी जानकारी नेपाल पुलिस को दी।
नेपाल में पंजाब पुलिस के अधिकारियों को हिरासत में लिया
जैसे ही नेपाल पुलिस को पंजाब पुलिस के इस ऑपरेशन का पता चला उन्होंने पंजाब पुलिस के अधिकारियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद नेपाल सरकार ने केंद्र सरकार के समक्ष मसले को उठाया।
दोनों देशों के उच्च अधिकारियों की बातचीत के बाद पंजाब पुलिस के हिरासत में लिए अधिकारियों को छोड़ दिया गया। इस घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने कड़ा रूख अपनाया है। पंजाब पुलिस के अधिकारियों की भी खिंचाई की है।
गृह मंत्रालय ने जारी किया पत्र
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को एक पत्र जारी किया है। गत 19 मार्च को राज्यों के मुख्य सचिव व पुलिस प्रमुख को जारी पत्र में कहा गया है कि किसी भी दूसरे देश में कोई ऑपरेशन करने से पहले जरूरी शर्तें को पूरा करना होगा और अनुमित लेना आवश्यक है।
उधर, पंजाब पुलिस के एजीटीएफ के प्रमुख प्रमोद बान ने कहा कि नेपाल में किसी तरह का ऑपरेशन नहीं किया। टीम सिर्फ जानकारी एकत्रित करने गई थी।
क्या है गृह मंत्रालय का दिशा निर्देश
ध्यान रहे कि गृह मंत्रालय के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार चूंकि भारत के किसी भी जांच अधिकारी को दूसरे देश में जांच संबंधी शक्तियां प्राप्त नहीं होती हैं। इसलिए किसी देश की स्पष्ट सहमति के बिना जांच अधिकारी की ओर से किया गया ऐसा ऑपरेशन उस देश की संप्रभुता में हस्तक्षेप माना जा सकता है।
सूत्र बताते हैं कि यह कोई नई बात नहीं हैं। चूंकि शातिर अपराधी नेपाल के जरिये ही दूसरे देशों में जाने का रास्ता बनाते हैं, ऐसे में अक्सर ही इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं।
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