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    कर्ज लेकर कर्मचारियों के वेतन दे रही पंजाब सरकार, लिया 1000 करोड़ रुपये का Loan

    By Sunil Kumar JhaEdited By:
    Updated: Tue, 03 Dec 2019 09:00 PM (IST)

    पंजाब सरकार की वित्‍तीय हालत बहुत खराब है। पंजाब सरकार अब कर्ज लेकर कर्मच‍ारियों को वेतन देगी। इसके लिए सरकार 1000 करोड़़ रुपये का कर्ज लेगी। ...और पढ़ें

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    कर्ज लेकर कर्मचारियों के वेतन दे रही पंजाब सरकार, लिया 1000 करोड़ रुपये का Loan

    चंडीगढ़, [कैलाश नाथ]। पंजाब की वित्‍तीय हालत बेहद खराब है। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पंजाब सरकार कर्ज लेकर अपने कर्मचारियों को वेतन देगी। कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण पंजाब सरकार ने अपने 3.53 लाख सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने के लिए 1000 करोड़ रुपये का लोन लिया है। इससे डी श्रेणी के कर्मचारियों को वेतन दिया जा चुका है। आज सी श्रेणी के कर्मचारियों का वेतन चला जाएगा। बाद में बी और ए श्रेणी के कर्मचारियों का वेतन दिया जाएगा। सोमवार को कैबिनेट बैठक के दौरान वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर चर्चा की।

    कैबिनेट बैठक में वित्तमंत्री ने राजस्व पर जाहिर की चिंता

    कैबिनेट में इस बात पर चिंता व्यक्त की गई कि केंद्र के पास जीएसटी के जो फंड हैं, उसके अलावा राज्य के अपने स्रोत में भी गिरावट आई है। वित्त मंत्री ने हर सेक्टर के बारे में कैबिनेट मंत्रियों को जानकारी दी। सबसे ज्यादा राजस्व की कमी एक्साइज क्षेत्र में देखने को मिल रही है।

    मंत्रियों ने इस बात को लेकर सवाल उठाया कि समस्या तो पता है, लेकिन वित्तमंत्री हल के बारे में बताए। सूत्रों के अनुसार एक्साइज ड्यूटी में बजट अनुमान मुश्किल से ही पूरा हो सकेगा। यह अनुमान के करीब पहुंच सकता है। वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इसका असर अंतिम क्वार्टर में ही देखने को मिलेगा। पंजाब सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 6201 करोड़ रुपये का अनुमान रखा है। यही स्थिति स्टांप और रजिस्ट्रेशन को लेकर भी है। पंजाब सरकार का बजट अनुमान 2650 करोड़ रुपये है, लेकिन इसमें खासी गिरावट दिखाई दे रही है।

    विभागों को राजस्व बढ़ाने के निर्देश

    सोमवार को देर शाम वित्तीय मामलों पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कैबिनेट सब कमेटी की बैठक की। इसमें वित्त मंत्री भी मौजूद थे। इस बैठक में संबंधित विभागों को अपने-अपने राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इससे पहले कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों ने राजस्व में गिरावट पर गहरी चिंता जताई।

    मंत्रियों ने यह भी प्रस्ताव रखा कि अगर केंद्र सरकार राज्य के बनते 4100 करोड़ रुपये जारी नहीं कर रही है, तो पूरी कैबिनेट दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री से मिले। हालांकि ऐसा होगा या नहीं इसका फैसला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेना होगा। वहीं, कैबिनेट ने इस बात को लेकर थोड़ी राहत जरूर महसूस की कि लोन लेकर राज्य के कर्मचारियों को वेतन मिल जाएगा। सरकार की सबसे बड़ी चिंता वेतन को लेकर थी।

    बुधवार को फिर होगी कैबिनेट बैठक 

    मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को फिर कैबिनेट की बैठक बुलाई है। 5 दिसंबर को निवेश के लिए विशेष कार्यक्रम 'इन्वेस्ट पंजाब' को देखते हुए इसमें कुछ अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।