जल्द शुरू होगा 'पंजाब दा करोड़पति' क्विज मुकाबला, रजिस्ट्रेशन से लेकर परीक्षा तक सब कुछ होगा डिजिटल
'पंजाब दा करोड़पति' क्विज के लिए मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल बनेगा। गुड गवर्नेंस विभाग इसकी तकनीकी जिम्मेदारी संभालेगा, जिससे रजिस्ट्रेशन से नतीजे तक प्रक्रिया डिजिटल होगी।

ये AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर है।
HighLights
क्विज संचालन के लिए मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल विकसित।
सुरक्षित प्रश्न बैंक प्रबंधन पोर्टल और डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था।
ऑनलाइन शिकायत निवारण और मॉनिटरिंग डैशबोर्ड सुविधा।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। राज्य सरकार की ओर से आयोजित किए जाने वाले 'पंजाब दा करोड़पति' क्विज मुकाबले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रतियोगिता के संचालन के लिए मोबाइल एप और वेब पोर्टल विकसित करने तथा इसके तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी गुड गवर्नेंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को सौंपी गई है।
इस संबंध में उच्च शिक्षा एवं भाषाएं विभाग के प्रशासनिक सचिव ने गुड गवर्नेंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रशासनिक सचिव को पूरी डिजिटल व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रतियोगिता के लिए एक सुरक्षित प्रश्न बैंक प्रबंधन पोर्टल बनाया जाएगा। इसके माध्यम से नामित प्रश्न तैयार करने वाले विशेषज्ञ और सत्यापनकर्ता सवालों को सीधे दर्ज कर सकेंगे।
सवालों की जांच, सत्यापन और मंजूरी की प्रक्रिया भी इसी पोर्टल पर होगी। इसमें विषय, श्रेणी और कठिनाई के स्तर के अनुसार सवालों का वर्गीकरण किया जाएगा। प्रश्न बैंक तक पहुंच केवल अधिकृत अधिकारियों तक सीमित रहेगी और प्रत्येक गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।
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डिजिटल रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज सत्यापन
इसके अलावा प्रतियोगियों के पंजीकरण और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए मोबाइल एप और वेब पोर्टल विकसित किया जाएगा। इसमें अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार आवेदन की सुविधा होगी। आवेदकों को जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
संबंधित अधिकारी दस्तावेजों की जांच करेंगे और जरूरत पड़ने पर कमियों की जानकारी देकर दोबारा दस्तावेज जमा करवाएंगे। आवेदन की मंजूरी या अस्वीकृति का कारण भी दर्ज किया जाएगा। डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन रोकने और जिला स्तर पर आवेदकों का रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था होगी। निर्धारित सत्यापन पूरा होने के बाद ही पंजीकरण वैध माना जाएगा।
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ऑनलाइन-ऑफलाइन राउंड की व्यवस्था
प्रतियोगिता के आनलाइन और आफलाइन दोनों चरणों के तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी भी इसी विभाग की होगी। आनलाइन राउंड में सवालों का रैंडम चयन, निर्धारित समय में प्रश्न उपलब्ध करवाना, जवाब रिकार्ड करना, स्वत: अंक देना और अगले चरण के लिए प्रतिभागियों की सूची तैयार करना शामिल होगा।
वहीं जिला और राज्य स्तर पर होने वाले फिजिकल राउंड के लिए स्क्रीन, टाइमर, बजर, स्कोरिंग सिस्टम और परिणाम प्रदर्शित करने की व्यवस्था की जाएगी। तकनीकी गड़बड़ी या इंटरनेट कनेक्टिविटी बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक इंतजाम भी रखने होंगे।
प्रतियोगियों की समस्याओं के समाधान के लिए एप और पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत निवारण माड्यूल भी बनाया जाएगा। प्रत्येक शिकायत को अलग रेफरेंस नंबर मिलेगा। शिकायत संबंधित अधिकारी तक पहुंचेगी और उसके समाधान की समयसीमा, स्टेटस तथा अपील की व्यवस्था भी होगी।
मॉनिटरिंग और बजट की व्यवस्था
उच्च शिक्षा एवं भाषाएं विभाग के अधिकारियों के लिए एक अलग मॉनिटरिंग डैशबोर्ड भी तैयार किया जाएगा। इसके माध्यम से जिला, संस्थान और श्रेणी के अनुसार पंजीकरण, दस्तावेजों का सत्यापन, प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में भागीदारी, परिणाम और शिकायतों के निपटारे की निगरानी की जा सकेगी। मोबाइल एप और वेब पोर्टल के विकास के लिए उच्च शिक्षा विभाग के पास बजट का प्रावधान नहीं है।
ऐसे में इस पूरी तकनीकी परियोजना पर होने वाला खर्च गुड गवर्नेंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के बजट से वहन किया जा सकता है। प्रतियोगिता की नियमावली अलग से उपलब्ध करवाई जाएगी और उसी के अनुसार अंक निर्धारण, अगले चरण में पहुंचने के नियम तथा अन्य प्रक्रियाएं तय की जाएंगी।
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