मुख्यमंत्री मान की अधिकारियों को नसीहत, बोले- 'ईमानदारी से निभाएं ड्यूटी, तबादले पर लोग कहें यहीं रहना चाहिए था'
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अधिकारियों से ईमानदारी से ड्यूटी निभाने की अपील की है ताकि तबादले के वक्त लोग उन्हें याद रखें।

मुख्यमंत्री भगवंत मान। (फाइल फोटो)
HighLights
अधिकारियों से ईमानदारी और निष्ठा से काम करने की अपील।
तबादले पर लोग कहें, अधिकारी को यहीं रहना चाहिए था।
जनसेवा और जनता का विश्वास जीतने पर जोर दिया।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों से ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी ड्यूटी निभाने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा काम करें कि तबादला होने पर लोग कहें कि अधिकारी को यहीं रहना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से मिलने वाले सुकून की कोई कीमत नहीं होती। कितनी भी दौलत, हीरे और मोती जमा कर लें, लेकिन अंतिम समय में कुछ भी साथ नहीं जाता।
मुख्यमंत्री ने डीजीपी सहित उपस्थित डीएसपी, उपायुक्तों और अतिरिक्त उपायुक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद चलते रहेंगे। केंद्र सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ मतभेद भी लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन अधिकारियों को अपना फर्ज निभाने पर ध्यान देना चाहिए।
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प्रशासनिक अधिकारी ही सरकार का हिस्सा
मान ने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह के किले से अधिकारी यह संकल्प लेकर जाएं कि पंजाब में महाराजा रणजीत सिंह जैसा शासन देने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगे। उन्होंने कहा कि केवल मुख्यमंत्री या मंत्री ही शासन नहीं चलाते, बल्कि प्रशासनिक अधिकारी भी सरकार का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। अधिकारी सही और ईमानदार रहेंगे तो सरकार की तारीफ होगी, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई गलती होगी तो उसकी बदनामी भी सरकार को झेलनी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के बीच अधिकारियों का सीधा संपर्क होता है। इसलिए उनका व्यवहार और कामकाज सरकार की छवि बनाता है। उन्होंने अधिकारियों से ऐसा चरित्र अपनाने की अपील की कि उनके तबादले पर लोग उन्हें रोकने की इच्छा जताएं, न कि उनके जाने पर राहत महसूस करें।
प्रशासन में युवाओं की बढ़ती भागीदारी
उन्होंने कहा कि जीवन में धन-दौलत से अधिक महत्वपूर्ण ईमानदारी और लोगों का विश्वास है। अधिकारियों को अपने परिवार की सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए और अपने पद का इस्तेमाल जनसेवा के लिए करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन में महिलाओं और युवा अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि आज कई युवा अधिकारी उपायुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त उपायुक्त जैसे पदों पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें युवा अधिकारियों से फोन आते हैं कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि इतनी कम उम्र में उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी।
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कलाकार के तौर पर बहुत प्यार मिला
मान ने कहा कि उन्हें कलाकार के तौर पर भी लोगों का बहुत प्यार मिला है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे भी लोगों के पसंदीदा बनें और अपने काम से जनता का विश्वास जीतें।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा, “लोगों को अक्सर कहते सुना है कि जिंदा रहे तो फिर मिलेंगे, लेकिन इस पंजाबी दिल ने कहा है कि मिलते रहे तो जिंदा रहेंगे।” उन्होंने सभी अधिकारियों को बधाई देते हुए उनका धन्यवाद किया।
