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परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड पर अमित शाह का पंजाब सरकार से सवाल- 'कौन करेगा जनता की सुरक्षा'

Published: Fri, 16 Oct 2026 11:46 AM (IST)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मानसा व दिरबा की घटनाओं का हवाला देकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा है ...और पढ़ें

गृह मंत्री अमित शाह।

गृह मंत्री अमित शाह।

HighLights

  1. अमित शाह ने पंजाब में नशा, गैंगस्टरवाद पर मान सरकार को घेरा।

  2. परविंदर झोटा हत्या, दिड़बा घटना पर कानून-व्यवस्था पर सवाल।

  3. राहुल गांधी ने भी नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा मांगी।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नशा राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। नशे के खिलाफ भाजपा की नशा मुक्ति यात्रा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल और अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान ने इस मुद्दे पर सियासी घमासान तेज कर दिया है। अमित शाह ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध को लेकर मान सरकार को घेरा।

अमित शाह ने अपनी पोस्ट में परविंदर सिंह झोटा के अलावा दिड़बा की घटना का भी जिक्र किया है। अमित शाह ने अपनी पोस्ट में लिखा-

पंजाब आज नशे, गैंगस्टरवाद व संगठित अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है। भगवंत मान सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर पंजाब की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?

दिड़बा में एक पिता का दबाव में जहर खा लेना और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परविंदर के पिता ने AAP सरकार और उनके विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गृह मंत्रालय भी इन दोनों घटनाओं पर पंजाब सरकार से जवाब मांगेगा।

पंजाब में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, संगठित अपराध का खतरा बढ़ रहा है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भगवंत मान जी, पंजाब की जनता को प्रचार नहीं, जवाब, घोषणाएं नहीं, परिणाम, नशे के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार और अपराधियों को मिलने वाले किसी भी राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच चाहिए।

मैं आज पंजाब की जनता के सामने अपना संकल्प दोहराता हूं कि पंजाब में हमारी सरकार बनने पर हम नशामुक्त, गैंगस्टरमुक्त और सुरक्षित पंजाब बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है - नशे के कारोबार पर प्रहार, युवाओं के भविष्य की रक्षा, अपराधियों पर कठोर कार्रवाई और कानून का ऐसा राज, जिसमें कोई भी नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर न हो।

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राहुल गांधी ने भी मान सरकार से मांगा था जवाब

अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राहुल गांधी ने 15 अक्टूबर को एक्स पर पोस्ट कर पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने मानसा में परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूछा था कि नशे के खिलाफ लड़ने वालों की हिफाजत कौन करेगा। राहुल गांधी ने संगरूर में मजदूर गुलजार सिंह की मौत और नशे के खिलाफ बोलने वाले मोहनजीत सिंह से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को हिंसा और दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

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भाजपा निकाल चुकी है नशा मुक्ति यात्रा

पंजाब में नशे के मुद्दे पर भाजपा भी लगातार आम आदमी पार्टी सरकार को घेर रही है। पिछले दिनों पार्टी ने प्रदेश में नशा मुक्ति यात्रा निकाली थी। इसके बाद नशे के कारोबार और युवाओं के भविष्य को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हुए। अब अमित शाह ने भी इस मुद्दे पर सीधे मान सरकार से जवाब मांगा है। मानसा में झोटा की हत्या के बाद उनके पिता ने भी आम आदमी पार्टी सरकार और क्षेत्र के विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले नशा अब भाजपा और कांग्रेस, दोनों के लिए सरकार को घेरने का प्रमुख मुद्दा बन रहा है। अमित शाह ने जहां नशे के नेटवर्क और कथित राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच की मांग की है, वहीं राहुल गांधी भी नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाब मांग चुके हैं।

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