Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पंजाब में आम आदमी क्लीनिक से लोगों को मिल रहीं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं, 'फरिश्ते' बचा रहे कीमती जिंदगियां

    Updated: Mon, 31 Mar 2025 03:36 PM (IST)

    पंजाब में सीएम भगवंत मान की सरकार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत आधार देने के लिए कई योजनाओं का भी संचालन कर रही है जिसमें राज्य सरकार की फरिश्ते योजना एक अहम भूमिका निभा रही है। फरिश्ते योजना की बदौलत आज राज्य के आम लोगों की कीमती जानें बचाई जा रही हैं। इस योजना के तहत पीड़ितों को त्वरित और आसान इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है।

    Hero Image
    मान सरकार पंजाब में स्वास्थ्य सुविधाएं तेजी से बढ़ा रही है।

    चंडीगढ़। पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व प्रशासन लगातार राज्य के आम लोगों के लिए बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के प्रयास कर रहा है। राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में कई सरहानीय काम कर रही है, जिसमें राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली पर विशेष तौर पर ध्यान दिया जा रहा है। मार्च 2022 में पदभार संभालने के बाद से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रशासन ने राज्य की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। इन प्रयासों की आधारशिला आम आदमी क्लीनिक की स्थापना है। जिसे जनता को सुलभ और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पंजाब में 'फरिश्ते' बचा रहे कीमती जिंदगियां

    पंजाब में सीएम भगवंत मान की सरकार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत आधार देने के लिए कई योजनाओं का भी संचालन कर रही है। जिसमें राज्य सरकार की 'फरिश्ते योजना' एक अहम भूमिका निभा रही है। फरिश्ते योजना की बदौलत आज राज्य के आम लोगों की कीमती जानें बचाई जा रही हैं। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को त्वरित और आसान इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है। साथ ही योजना के तहत उस व्यक्ति को पुरस्कृत भी किया जाता है, जो दुर्घटना के पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाता है। घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों से कोई सवाल भी नहीं किया जाता। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में पहल करते हुए जनवरी 2024 में फरिश्ते योजना की शुरुआत की थी। दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने और उनकी जान बचाने वालों को 2000 रुपये का आर्थिक इनाम, प्रशंसा पत्र और कानूनी पचड़ों से छूट दी जा रही है। योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को उनकी वित्तीय स्थिति की परवाह किए बिना, फरिश्ते योजना के तहत बेहतर देखभाल की सुविधा मिल रही है।

    जन-जन तक पहुंच रहीं स्वास्थ्य सुविधाएं

    पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने अब तक कुल 881 आम आदमी क्लीनिकों की स्थापना की है। मान सरकार की हमेशा से यह प्राथमिकता रही है कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाए। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 565 क्लीनिक स्थापित किए हैं, जबकि 316 क्लीनिक महानगरीय क्षेत्रों में लोगों की सेवा कर रहे हैं। आम आदमी क्लीनिक में उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवा प्रदान किए जाने के परिणामस्वरूप आम जनता का विश्वास बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का कहना है कि महानगरीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवा तो मिलती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को छोटी-मोटी बीमारियों के लिए भी शहरों का रुख करना पड़ता है।

    पंजाब सरकार के आम आदमी क्लीनिक चिकित्सा सेवा प्रदान करने के साथ गंभीर बीमारियों का तुरंत निदान और इलाज कर लोगों को उच्च स्वास्थ्य सुविधा दे रहे हैं। चूंकि पिछले कुछ वर्षों के दौरान यह सामने आया है कि पंजाब में किडनी से संबंधित मरीजों का संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जिसके मद्देनजर राज्य सरकार ने प्रांत में आठ अत्याधुनिक डायलिसिस सेंटरों का निर्माण करके किडनी रोगियों की देखभाल में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सीएम भगवंत मान के अनुसार, आम आदमी क्लिनिक की शुरुआत का उद्देश्य सिर्फ छोटी बीमारियों के इलाज करना नहीं है। इनका मकसद गंभीर बीमारियों की तुरंत पहचान कर, उनका इलाज उपलब्ध करना है। जिसके चलते आम आदमी क्लिनिकों में 38 प्रकार के टेस्ट निःशुल्क किए जाते हैं।

    हर शुक्रवार डेंगू पर वार

    पंजाब के आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा 'हर शुक्रवार डेंगू पर वार' नामक एक अभिनव कार्यक्रम शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य डेंगू जैसी भयानक बीमारी को फैलने से रोकना है ताकि बहुमूल्य जीवन को बचाया जा सके। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इसके माध्यम से लोगों को यह सिखाया कि डेंगू मच्छर के लार्वा कहां से आते हैं और उन्हें कैसे मारना है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने डेंगू के लार्वा की जांच की और घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया। डेंगू से बचाव के लिए बरती जाने वाली स्वच्छता संबंधी सावधानियों के बारे में लोगों को समझाया गया।