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परविंदर झोटा मामले के बाद परगट सिंह का आरोप, 5 साल से नाम बदलकर बिक रहे थे प्रतिबंधित कैप्सूल

Published: Thu, 22 Oct 2026 11:42 AM (GMT+05:30)

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने झोटा मामले पर सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रतिबंधित कैप्सूल पांच साल से बिक रहे थे और घटना के बाद ही कार्रवाई हुई।

विधानसभा सत्र के शुरू होने से पहले आप सरकार को घेरते हुए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा।

विधानसभा सत्र के शुरू होने से पहले आप सरकार को घेरते हुए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा।

HighLights

  1. परगट सिंह ने AAP सरकार पर प्रतिबंधित कैप्सूल बिक्री पर सवाल उठाए।

  2. आरोप: 5 साल से नाम बदलकर बिक रहे थे, कार्रवाई में देरी।

  3. स्वास्थ्य मंत्री को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया, झोटा मामले के बाद एक्शन।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। परविंदर सिंह झोटा मामले को लेकर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरते हुए प्रतिबंधित कैप्सूल की बिक्री पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों से नाम बदलकर इन कैप्सूलों की बिक्री होती रही, लेकिन सरकार ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। अब झोटा मामले के बाद छह दुकानों को बंद करने और उनके लाइसेंस रद करने की कार्रवाई की गई है। परगट सिंह ने इसके लिए सीधे तौर पर स्वास्थ्य मंत्री को जिम्मेदार ठहराया।

परगट सिंह ने कहा कि इस मामले की शुरुआत को समझने के लिए वर्ष 2023 में जाना होगा, जब परविंदर सिंह झोटा ने एक दुकानदार को सिग्नेचर कैप्सूल के साथ पकड़ा था। उन्होंने दावा किया कि उनके पास वर्ष 2021 में कांग्रेस सरकार की ओर से जारी अधिसूचना भी है, जिसके तहत इन कैप्सूलों पर प्रतिबंध लगाया गया था। विशेष रूप से मालवा क्षेत्र के जिलों में इनकी बिक्री पर रोक थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिबंध के बावजूद पिछले पांच वर्षों से इन कैप्सूलों की बिक्री जारी रही। नाम बदलकर इन्हें बेचा जाता रहा, लेकिन सरकार इस पर अंकुश लगाने में नाकाम रही। अब मामला सामने आने के बाद सरकार की ओर से कार्रवाई की जा रही है और इसे अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश किया जा रहा है।

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6 दुकानों के लाइसेंस रद होने पर उठाए सवाल

परगट सिंह ने कहा कि जिस दिन यह मामला सामने आया, उसके बाद से छह दुकानों को बंद कर उनके लाइसेंस रद किए जा चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रतिबंधित कैप्सूल की बिक्री पहले से हो रही थी तो सरकार ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। उनके अनुसार, यदि परविंदर सिंह झोटा का मामला सामने नहीं आता तो शायद इन दुकानों के खिलाफ अब भी कोई कार्रवाई नहीं होती।

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स्वास्थ्य मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर इस मामले में घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब सरकार अपनी कार्रवाई का बखान कर रही है, जबकि प्रतिबंधित कैप्सूल की बिक्री को रोकने की जिम्मेदारी पहले भी उसी की थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले के लिए पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री जिम्मेदार हैं।

परगट सिंह के इन आरोपों के केंद्र में प्रतिबंधित कैप्सूल की बिक्री, औषधि दुकानों पर निगरानी और सरकार की कार्रवाई में हुई देरी है। हालांकि, कैप्सूल की बिक्री और सरकारी कार्रवाई को लेकर लगाए गए आरोपों पर सरकार या स्वास्थ्य मंत्री का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है।

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