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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आतंकी गोल्डी बराड़ सहित 10 लोगों के खिलाफ NIA ने दाखिल की चार्जशीट, कारोबारी के घर फायरिंग से जुड़ा है मामला

Published: Sat, 20 Jul 2024 08:31 PM (IST)

चंडीगढ़ में एक व्यवसायी के घर गोलीबारी करने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गोल्डी बराड़ समेत दस ...और पढ़ें

आतंकी गोल्डी बराड़ और गोल्डी ढिल्लों समेत दस पर चार्जशीट दाखिल
आतंकी गोल्डी बराड़ और गोल्डी ढिल्लों समेत दस पर चार्जशीट दाखिल

HighLights

  1. गोल्डी बराड़ को एनआईए घोषित कर चुकी है आतंकी
  2. मामले में गोल्डी बराड़ के साथी गोल्डी ढिल्लों का नाम भी है
  3. गोल्डी बराड़ मुख्य साजिशकर्ता के रूप में शामिल था

चंडीगढ़, एएनआई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार को आतंकवादी गोल्डी बराड़ के सहयोगियों द्वारा चंडीगढ़ में एक व्यवसायी के घर पर गोलीबारी करने के आरोप में दस के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।

आरोपपत्र में शामिल आरोपियों में आतंकी गोल्डी बराड़ (Goldy Brar) का नाम भी शामिल है, जो लंबे समय से फरार चल रहा है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, गोल्डी बराड़ को मामले में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नामित किया गया है। उस पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक आतंकवादी गिरोह बनाने का आरोप लगाया गया है।

उसके करीबी सहयोगी गुरप्रीत सिंह उर्फ ​​गोल्डी ढिल्लों, जो फरार है, को भी मामले में सह-साजिशकर्ता के रूप में आरोपित किया गया है।

जनवरी में चंडीगढ़ के व्यवसायी के घर हुआ था हमला

चंडीगढ़ में व्यवसायी के घर इस साल 19 जनवरी को हमला हुआ था। आतंकी गोल्डी बराड़ के सहयोगियों ने पीड़ित के घर पर गोलीबारी की थी। सतिंदरजीत सिंह उर्फ ​​गोल्डी बराड़ ने पहले व्यवसायी से जबरन वसूली की मांग की थी।

विज्ञप्ति के अनुसार, गोल्डी बराड़ और गोल्डी ढिल्लों ने गिरफ्तार आरोपियों को अपने आतंकी गिरोह में भर्ती किया था। एनआईए की जांच के अनुसार, जिसमें पाया गया कि बराड़ अपने भारत स्थित सहयोगियों के माध्यम से एक बड़ा आतंकी-जबरन वसूली-नार्को नेटवर्क चला रहा था।

धनी व्यापारियों को बनाते हैं निशाना

जांच में पता चला कि आरोपियों ने पंजाब, चंडीगढ़ और भारत के अन्य राज्यों में धनी व्यापारियों को निशाना बनाने की साजिश रची थी। बराड़ की कार्यप्रणाली के अनुसार, व्यापारियों द्वारा भुगतान करने से इनकार करने पर उनके घरों पर शारीरिक हमले या फिर गोलीबारी आदि की जाती थी।

गोल्डी बराड़ और गुरप्रीत सिंह उर्फ ​​गोल्डी ढिल्लों उर्फ ​​गोल्डी राजपुरा के अलावा, अन्य आरोपपत्रित आरोपियों की पहचान गुरविंदर सिंह उर्फ ​​लाडी, काशी सिंह उर्फ ​​हैरी, शुभम कुमार गिरी उर्फ ​​पंडित, अमृतपाल सिंह उर्फ ​​गुज्जर, कमलप्रीत सिंह, प्रेम सिंह, सरबजीत सिंह उर्फ ​​सरबू और गगनदीप सिंह उर्फ ​​गोल्डी के रूप में की गई है।

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