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    मोहाली में गमाडा के 1000 करोड़ के टेंडर से विवाद, खतरे में छोटे कॉन्ट्रैक्टरों की नौकरी

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 09:12 PM (IST)

    मोहाली में गमाडा के 1000 करोड़ रुपये के सिंगल टेंडर पर विवाद खड़ा हो गया है, जिससे छोटे ठेकेदार नाराज हैं। शिरोमणि अकाली दल ने आरोप लगाया है कि यह नीत ...और पढ़ें

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    अलग-अलग डेवलपमेंट कामों के लिए 1000 करोड़ से ज़्यादा के सिंगल टेंडर पर विवाद।

    संवाद सहयोगी, मोहाली। गमाडा की ओर से मोहाली शहर के अलग-अलग डेवलपमेंट कामों के लिए 1000 करोड़ से ज़्यादा के सिंगल टेंडर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसके खिलाफ छोटे और मीडियम कान्ट्रैक्टरों में भारी गुस्सा है।

    शिरोमणि अकाली दल मोहाली के मुख्य सेवक परविंदर सिंह सोहाना ने आरोप लगाया है कि सरकार की यह पाॅलिसी न सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है बल्कि हजारों परिवारों को बेरोजगारी की ओर भी धकेल रही है।

    मोहाली में गमाडा की ओर से म्युनिसिपल कार्पोरेशन को सौंपी गई सड़कों के मेंटेनेंस के लिए करोड़ों रुपये म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को दिए भी हैं, लेकिन अब ये सड़कें म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से वापस ले ली गई हैं ताकि बड़ा टेंडर किया जा सके क्योंकि गमाडा के अंडर छोड़ी गई सड़कों की लंबाई कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए काफी नहीं थी।

    उन्होंने कहा कि पहले अलग-अलग कंपनियों को अलग-अलग काम दिए जाते थे लेकिन इस बार आर्किटेक्चर और पब्लिक हेल्थ समेत सड़क के काम भी एक ही टेंडर में डाल दिए गए हैं। परविंदर सिंह सोहाना ने कहा कि “1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के टेंडर एक साथ करके छोटे कॉन्ट्रैक्टर को काम से निकाला जा रहा है।

    यह सिस्टम सीधे तौर पर मोनोपॉली बनाता है और मोनोपॉली का नुकसान हाल ही में एक एयरलाइन के रूप में सामने आया है जिससे बड़ी संख्या में यात्री परेशान हुए।

    अकाली नेता ने आरोप लगाया कि पहले टेंडर में 15 से 25 परसेंट कमीशन की बात होती थी, लेकिन अब बड़े टेंडर की वजह से यह आंकड़ा 20 परसेंट से आगे बढ़कर अंडर द टेबल 40 परसेंट तक पहुंच सकता है।

    परविंदर सिंह ने कहा कि यह पैसा लोगों के टैक्स से कमाया हुआ पैसा है, जिसे सरकार कॉर्पोरेट घरानों को सौंपकर उनके ज़रिए अपनी जेब में डालने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार रोज़गार का वादा करती है, दूसरी तरफ छोटे कॉन्ट्रैक्टरों को मज़दूर बनाया जा रहा है।

    परविंदर सोहाना ने यह भी आरोप लगाया कि गमाडा के अधिकारी भी इस बात से परेशान हैं कि कल इतने बड़े टेंडर की ज़िम्मेदारी कौन लेगा। अकाली नेता ने कहा कि उन्हें लगातार कॉन्ट्रैक्टरों और कर्मचारियों के फ़ोन आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल कॉन्ट्रैक्टरों और कर्मचारियों के साथ मज़बूती से खड़ा रहेगा।