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    Manpreet Singh Badal की बढ़ी मुश्‍किलें, पूर्व वित्त मंत्री की संपत्ति का ब्‍यौरा जुटाने में जुटी विजिलेंस टीम

    मनप्रीत सिंह बादल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। विजिलेंस टीम पूर्व वित्त मंत्री की संपत्ति का ब्‍यौरा जुटाने में जुट गई है। विजिलेंस की टीमों की ओर से शनिवार को भी पंजाब व चंडीगढ़ सहित कई राज्यों में मनप्रीत की तलाश की है। विजिलेंस की ओर से मनप्रीत कुछ करीबियों से पूछताछ की जा रही है। लेकिन अभी तक मनप्रीत के बारे में कोई सुराग नहीं लगा है।

    By Himani SharmaEdited By: Himani SharmaUpdated: Sat, 30 Sep 2023 08:28 PM (IST)
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    विजिलेंस ब्यूरो पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल की संपत्ति का ब्यौरा जुटाने में जुटी (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़: पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल की मुश्किलें बढ़ सकती है। विजिलेंस ब्यूरो की ओर से पूर्व वित्त मनप्रीत बादल की संपत्ति का ब्यौरा जुटाने में जुटी है। उधर प्लाट अलाटमेंट मामले में घिरे भाजपा नेता व पूर्व मंत्री मनप्रीत बादल की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस ब्यूरो की टीम छापामारी कर रही है। विजिलेंस की टीमों की ओर से शनिवार को भी पंजाब व चंडीगढ़ सहित कई राज्यों में मनप्रीत की तलाश की है।

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    मनप्रीत के करीबियों से की जा रही पूछताछ

    विजिलेंस की ओर से मनप्रीत के कुछ करीबियों से पूछताछ की जा रही है। लेकिन अभी तक मनप्रीत के बारे में कोई सुराग नहीं लगा है। ध्यान रहे कि मनप्रीत बादल की जांच कर रही विजिलेंस टीम ने खुलासा किया है कि वित्त मंत्री रहते हुए बादल ने अपने रसूख का इस्तेमाल किया। बठिंडा डेवलपमेंट अथारिटी (बीडीए) के कर्मचारियों की मिली भगत के साथ प्लाट अपने नाम किए। जाली नक्शा लगाकर लोगों को गुमराहत किया।

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    तीन लोगों की ओर से एक इंटरनेट आइपी का किया गया इस्‍तेमाल

    रिहाशी की जगह को कमर्शियल दिखाया गया। नक्शे में प्लाटों के नंबर भी दर्ज नहीं किए गए थे। बीडीए के प्रबंधक अफसरों के डिजिटल हस्ताक्ष का इस्तेमाल किया गया। जहां तक वित्त मंत्री को लाभ पहुंचाने के लिए तीन लोगों की ओर से एक इंटरनेट आइपी का इस्तेमाल किया गया। प्लाटो का कम रेट रख 65 लाख का नुकसान पहुंचाया।

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    पूर्व विधायक सरुप चंद सिंगला की ओर की साल 2021 में की गई शिकायत पर आधार पर विजिलेंस टीम की ओर से विजिलेंस की ओर से जांच शुरू की गई थी। जांच के बाद खुलासा हुआ था कि वित्त मंत्री रहते हुए मनप्रीत बादल की ओर से निजी लाभ लिए गए।