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LPU प्रोटेस्ट मामले में हाईकोर्ट का कड़ा रुख, पंजाब सरकार को 72 घंटे में केंद्र को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

Published: Wed, 04 Nov 2026 01:09 PM (IST)

हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय मामले की जांच पर पंजाब सरकार को 72 घंटे में रिपोर्ट केंद्र को सौंपने के निर्देश दिए ...और पढ़ें

घटना के दिन आगजनी के दौरान जेट प्लेन पर चढ़ा प्रदर्शनकारी।

घटना के दिन आगजनी के दौरान जेट प्लेन पर चढ़ा प्रदर्शनकारी।

HighLights

  1. हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 72 घंटे में रिपोर्ट देने को कहा।

  2. केंद्र सरकार 7 दिन में NIA जांच पर फैसला लेगी।

  3. मामले में आईटी एक्ट की धारा 66एफ लगी है।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को अहम निर्देश जारी किए। मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि वह 72 घंटे के भीतर मामले से संबंधित रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपे।

अदालत ने केंद्र सरकार को भी निर्देश दिया है कि राज्य सरकार से रिपोर्ट मिलने के सात दिन के भीतर यह तय किया जाए कि मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को सौंपी जानी चाहिए या नहीं। यह जनहित याचिका एलपीयू के छात्र रवि राज की ओर से दायर की गई है। इसमें एलपीयू से जुड़ी घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाने की मांग की गई है।

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धारा 66एफ के इस्तेमाल पर अदालत का ध्यान

बुधवार की सुनवाई के दौरान अदालत के संज्ञान में आया कि पंजाब पुलिस ने इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66एफ लगाई है। यह धारा साइबर आतंकवाद से संबंधित अपराधों के लिए है और इसमें सीमा पार साइबर गतिविधियों से जुड़े पहलू भी शामिल हो सकते हैं।

अदालत ने इस कानूनी पहलू को महत्वपूर्ण माना, क्योंकि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66एफ के तहत अपराध राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम के अंतर्गत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आता है।

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एनआइए जांच पर केंद्र सरकार को लेना होगा फैसला

सुनवाई के दौरान इस बात पर ध्यान दिया गया कि एनआइए अधिनियम के तहत निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार ऐसे मामले में राज्य सरकार को केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजनी होती है। इसके बाद केंद्र सरकार को यह निर्णय लेना होता है कि मामले की जांच एनआइए को सौंपी जाए या नहीं।

इसी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 72 घंटे में रिपोर्ट भेजने और केंद्र सरकार को रिपोर्ट प्राप्त होने के सात दिन के भीतर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया। अदालत ने इन निर्देशों के साथ मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।

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