फेक मैसेज और करोड़ों का नुकसान! LPU हिंसा में पुलिस का एक्शन, वाहनों को आग लगाने व लूटपाट के 9 आरोपी गिरफ्तार
LPU परिसर में हुए प्रदर्शन और पुलिस वाहनों में आगजनी के मामले में पुलिस ने 9 आरोपियों को दबोच लिया है। इनमें 7 छात्र और दो बाहरी लोग शामिल हैं।
HighLights
LPU हिंसा में 28 सितंबर को हुई तोड़फोड़, आगजनी।
पंजाब पुलिस ने 9 आरोपितों को किया गिरफ्तार, 7 छात्र।
फेक सोशल मीडिया मैसेज से भड़की थी यह हिंसा।
सुक्रांत, जालंधर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा (LPU protest) में 28 सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन, तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट और पुलिस वाहनों को आग लगाने के मामले में पंजाब पुलिस ने 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। डीआइजी नवीन सिंगला ने बताया कि, विशेष जांच टीम (SIT) ने अलग-अलग टीमों का गठन कर इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म, समाचार चैनलों की फुटेज, एलपीयू और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों से जांच की।
इसी आधार पर हिंसा में शामिल आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों में 7 यूनिवर्सिटी के छात्र हैं जो कि दो बाहरी लोग हैं। इस पूरे मामले को लेकर दो FIR दर्ज की गई हैं। पहली FIR नंबर 163, 28 सितंबर को थाना सतनामपुरा, जिला कपूरथला में दर्ज हुई।
इसमें विभिन्न धाराओं सहित पंजाब प्रिवेंशन आफ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रापर्टी एक्ट 2014 की धारा चार लगाई गई है। दूसरी FIR नंबर 106 थाना सदर फगवाड़ा में दर्ज की गई, जिसमें तोड़फोड़ हमला और आगजनी करने के तहत मामला दर्ज किया गया।
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9 आरोपियों की पहचान आई सामने
डीआइजी नवीन सिंगला ने कहा कि गिरफ्तार आरोपितों में सोनीपत की शिव कालोनी निवासी जेम्स दहिया, फगवाड़ा निवासी गगनदीप उर्फ कोठा, फगवाड़ा के सोमी परम नगर निवासी जस्मीत कुमार, उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के कुराहरा निवासी आशुतोष, जम्मू निवासी अंतरिक्श दत्ता, जम्मू के गांव चाबुते कोटी निवासी साहिल सिंह, महाराष्ट्र निवासी कृष्ण कुमार, कल्याण ईस्ट निवासी भविष्या करण उर्फ प्रेम और एक नाबालिग शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपितों को दोनों FIR में उनकी भूमिका के आधार पर गिरफ्तार किया है।
इंटरनेट मीडिया पर आया मैसेज और हो गया नुकसान
LPU में विवाद उस इंटरनेट मीडिया संदेश के बाद शुरू हुआ था, जिसमें एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की बात कही गई थी। यह संदेश पुराना होने के बावजूद दोबारा प्रसारित होने के बाद शनिवार रात से कैंपस में तनाव बढ़ गया था। इसके बाद तड़के करीब 3:30 बजे छात्रों का प्रदर्शन शुरू हुआ और सुबह करीब 4 बजे जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी जाम लगा दिया गया। कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
इसके बाद मामला सिर्फ प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा। कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। पुलिस और प्रशासन के वाहनों को भी निशाना बनाया गया। पुलिस के मुताबिक उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया और पुलिस वाहनों को आग लगाई। LPU की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ लूटपाट और राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम के दौरान कई स्थानों से वीडियो और सीसीटीवी फुटेज जुटाए। जांच में इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो को भी शामिल किया गया। पुलिस का कहना है कि इन डिजिटल सबूतों के आधार पर उन लोगों की पहचान की गई, जो कथित तौर पर आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट, पुलिस पर हमले और अन्य हिंसक गतिविधियों में शामिल थे।
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पुलिस ने कहा, छात्रों से संयम के साथ किया व्यवहार
डीआइजी नवीन सिंगला ने कहा कि उसने पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति काफी संयम बरता और पुलिस की कोशिश रही कि छात्रों के खिलाफ अनावश्यक बल प्रयोग न किया जाए। पुलिस के मुताबिक प्रशासन और पुलिस लगातार छात्रों के साथ बातचीत कर उनकी शिकायतों और समस्याओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। गिरफ्तारियों के बाद भी जांच पूरी नहीं हुई है। शेष आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं, जो लगातार छापेमारी कर रही हैं। डीआइजी का कहना है कि एलपीयू मामले में हिंसा के लिए जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है।
