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LPU और चितकारा कैंपस में हिंसा की चिंगारी से करोड़ों के करियर पैकेज पर संकट, प्लेसमेंट सीजन से पहले बढ़ी चिंता

Published: Wed, 30 Sep 2026 10:06 AM (IST)

पंजाब की निजी यूनिवर्सिटियों में हिंसक घटनाओं के बीच प्लेसमेंट सीजन शुरू होने वाला है। शिक्षाविदों के अनुसार परिसर का अनुशासन, सुरक्षा और माहौल कंपनियों के निर्णय में महत्वपूर्ण हैं।

HighLights

  1. LPU और चितकारा हिंसा से कैंपस प्लेसमेंट प्रभावित।

  2. विश्वविद्यालयों की छवि और कॉर्पोरेट विश्वसनीयता पर असर।

  3. करोड़ों के पैकेज वाले छात्रों के करियर पर संकट।

डाॅ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और मोहाली की चितकारा यूनिवर्सिटी में हालिया विवादों के दौरान हुई हिंसक घटनाओं ने सिर्फ कैंपस के माहौल पर सवाल नहीं खड़े किए हैं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के करियर को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

प्राइवेट यूनिवर्सिटियों में पढ़ने वाले अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए नवंबर-दिसंबर का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी दौरान देश-विदेश की नामी कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट के लिए पहुंचती हैं। करोड़ों रुपये के सालाना पैकेज देने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी इन कैंपस में प्रतिभाओं की तलाश करती हैं।

प्राइवेंट कंपनी दो करोड़ तक कैंपस प्लेसमेंट में सैलरी युवाओं को आफर करती हैं। मैनेजमेंट से लेकर इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के कैंपस प्लेसमेंट पर सबसे अधिक असर पड़ता है।

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यूनिवर्सिटी इमेज और कॉर्पोरेट विश्वसनीयता प्रभावित

ऐसे में हिंसा की घटनाएं विश्वविद्यालयों की कैंपस इमेज और कॉर्पोरेट विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती हैं। कंपनियां प्लेसमेंट के लिए केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि कैंपस का अनुशासन, सुरक्षा, स्थिरता और पढ़ाई का वातावरण भी देखती हैं। यदि किसी विश्वविद्यालय की पहचान हिंसक घटनाओं और अव्यवस्था से जुड़ने लगे तो कंपनियां वहां प्लेसमेंट गतिविधियों को लेकर पुनर्विचार कर सकती हैं।

इसका सीधा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ सकता है, जिन्होंने वर्षों की पढ़ाई के बाद बेहतर नौकरी और बड़े पैकेज की उम्मीद लगा रखी है। दैनिक जागरण ने विश्वविध्यालयों में हिंसक वारदातों के बाद कैंपस प्लेसमेंट पर पड़ने वाले असर को लेकर कुछ शिक्षाविदों से उनकी राय जानी ....

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प्रो. आरके कोहली और प्रो. अरुण ग्रोवर।

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कैंपस के माहौल की अहम भूमिका: प्रो. अरुण ग्रोवर

चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर का कहना है कि किसी भी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में हिंसक घटनाओं या लंबे समय तक खराब माहौल का सीधा असर वहां की अकादमिक गतिविधियों के साथ-साथ कैंपस प्लेसमेंट पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों में अकादमिक सत्र निर्धारित नियमों और व्यवस्थित तरीके से चलता है।

विद्यार्थियों की उपस्थिति, आंतरिक मूल्यांकन, परीक्षाएं और अन्य अकादमिक गतिविधियां पूरे वर्ष एक तय प्रक्रिया के तहत संचालित होती हैं। प्रो. ग्रोवर के अनुसार, यही व्यवस्थित शैक्षणिक माहौल कंपनियों को कैंपस प्लेसमेंट के दौरान विद्यार्थियों का आकलन करने में मदद करता है। निजी विश्वविद्यालयों में अभिभावक बच्चों की पढ़ाई पर बड़ी राशि खर्च करते हैं, जबकि कंपनियां भी योग्य विद्यार्थियों को आकर्षक पैकेज ऑफर करती हैं।

ऐसे में यदि किसी विश्वविद्यालय का माहौल खराब होता है तो अच्छी कंपनियां कैंपस विजिट कम कर देती हैं, जिसका प्रतिकूल प्रभाव प्लेसमेंट पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि खराब माहौल का असर केवल प्लेसमेंट तक सीमित नहीं रहता। पढ़ाई के लिए सुरक्षित और बेहतर वातावरण तलाशने वाले मेधावी विद्यार्थी भी ऐसे संस्थानों में दाखिला लेने से पीछे हट सकते हैं।

प्लेसमेंट पर नकारात्मक असर: प्रो. आरके कोहली

मोहाली स्थित अमेठी यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. आरके कोहली का कहना है कि विश्वविद्यालयों में हिंसक घटनाओं और बिगड़े माहौल का सीधा असर विद्यार्थियों की प्लेसमेंट पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी बेहतर शिक्षा के साथ नामी कंपनियों में नौकरी और अच्छे पैकेज की उम्मीद लेकर दाखिला लेते हैं।

कंपनियां भी प्लेसमेंट के लिए विश्वविद्यालय के शैक्षणिक स्तर के साथ-साथ वहां के माहौल को भी ध्यान में रखती हैं। प्रो. कोहली ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय में हिंसा जैसी स्थिति बनी रहती है तो निजी कंपनियां वहां कैंपस प्लेसमेंट के लिए आने से पहले कई पहलुओं पर विचार करती हैं। इसका असर विद्यार्थियों के करियर पर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि अभिभावक भी बच्चों का दाखिला कराते समय विश्वविद्यालय की प्लेसमेंट दर, कंपनियों की भागीदारी और कैंपस के माहौल को महत्व देते हैं। ऐसे में अच्छे अकादमिक माहौल के साथ परिसर में शांति और सुरक्षा भी विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

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