IPS पूरन कुमार सुसाइड केस, हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी SIT जांच में शामिल, 2 घंटे तक सवाल-जवाब
हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार आत्महत्या मामले में एसआईटी ने चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी से दो घंटे पूछताछ की। सुसाइड नोट में नामित ...और पढ़ें

चीफ सेक्रेटरी से पूरन कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों और फाइनल नोट में दर्ज तथ्यों को लेकर विस्तार से पूछताछ की गई।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के आत्महत्या के मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने सोमवार दोपहर हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी को जांच में शामिल किया। एसआईटी करीब दो घंटे तक हरियाणा सचिवालय स्थित चीफ सेक्रेटरी के कार्यालय में मौजूद रही, जहां उनसे पूरन कुमार द्वारा लगाए गए आरोपों और फाइन नोट में दर्ज तथ्यों को लेकर विस्तार से पूछताछ की गई।
पूछताछ के बाद एसआईटी सचिवालय से लौट आई। इससे पहले एसआईटी इस मामले में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित फाइनल नोट में शामिल सभी प्रमुख अधिकारियों को जांच में शामिल कर चुकी है। फाइनल नोट में 15 अधिकारियों के नाम दर्ज हैं, जिनमें तीन आईएएस और 12 आईपीएस अधिकारी शामिल हैं।
फाइनल नोट में जिन आईपीएस अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उनमें अमिताभ ढिल्लो, संदीप खिरवार, संजय कुमार, कला रामचंद्रन, माटा रवि किरण, सिबास कविराज, पंकज नैन, कुलविंदर सिंह और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया शामिल हैं। इस सब से एसआईटी पूछताछ कर रही है।
एसआईटी इस मामले में डीएसपी गुलाब सिंह, सेक्टर-19 थाना (अबन एस्टेट) के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज कुमार और शिकायतकर्ता शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल से पहले ही कई दौर की पूछताछ कर चुकी है। यह पूछताछ चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय में की जा रही है। टीम ने तीनों से सामूहिक रूप से भी और अलग-अलग भी बयान दर्ज किए हैं।
पुलिस रिकाॅर्ड के अनुसार, 6 अक्तूबर 2025 को हरियाणा के रोहतक स्थित सेक्टर-19 थाना (अबन एस्टेट) में वाई पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया गया था। अगले दिन 7 अक्तूबर को सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। इसी दिन वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
मामले में सामने आए सुसाइड नोट और एडीजीपी की पत्नी एवं आइपीएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार की शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गनमैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर साजिश के तहत कराई गई और पूरन कुमार पर सुनियोजित दबाव बनाया गया। अब तक एसआईटी 60 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कर चुकी है।
फाइनल नोट में शामिल 15 अधिकारियों में से 13 से पूछताछ पूरी हो चुकी है। एसआईटी अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी संबंधित आईएएस और आईपीएस अधिकारियों से पूछताछ पूरी कर जांच रिपोर्ट अदालत में दाखिल की जाएगी।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।