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    गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर दिखाई देगी गुरु तेग बहादुर की शहादत की भव्य झांकी, केंद्र सरकार ने दी हरी झंडी

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 06:52 PM (IST)

    गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ की झांकी 26 जनवरी को कर्तव्यपथ पर दिखाई जाएगी। केंद्र सरकार ने पंजाब के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। ...और पढ़ें

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    गणतंत्र दिवस परेड। फाइल फोटो

    कैलाश नाथ, चंडीगढ़। हिंद की चादर कहे जाने वाले गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को 350 वर्ष पूरे हो चुके हैं। 24 नवंबर 2025 को पूरे देश ने गुरु साहिब का शहीदी पर्व मनाया। गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत पर्व की झांकी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके कर्तव्यपथ पर दिखाई देगी।

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    केंद्र सरकार ने पंजाब के इस थीम को हरी झंडी दे दी है, जिस पर काम भी शुरू हो गया है। यह लगातार दूसरा वर्ष होगा जब पंजाब की झांकी कर्तव्यपथ पर दिखाई देगी। पिछले वर्ष पंजाब के सभ्याचार और बाबा फरीद के थीम पर बनाई गई झांकी दिखाई गई थी।

    जानकारी के अनुसार झांकी को लेकर जब केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष थीम मांगा तब पंजाब में गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी पर्व मनाया जा रहा था। इसी थीम पर पंजाब सरकार की ओर से थीम दिया गया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

    चार दौर की बैठक और थोड़े-बहुत बदलाव के बाद पंजाब की झांकी को 26 जनवरी को कर्तव्यपथ पर निकालने की मंजूरी मिल गई है।

    यह इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा हैं क्योंकि गुरु साहिब के शहीदी पर्व पर बीते दिनों हरियाणा में आयोजन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि अगर गुरु तेग बहादुर नहीं होते तो न तो धर्म होता और न ही देश। सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि यह हमारे लिए बेहद गौरव की बात है, क्योंकि पूरे देश ने पिछले वर्ष ही शहीदी पर्व मनाया है।

    बता दें कि 2017 से लेकर 2022 तक लगातार पंजाब की झांकियां राजपथ (अब बदला हुआ नाम कर्तव्यपथ) में दिखाई दी थीं। इन झांकियों में सबसे ज्यादा जो चर्चा का केंद्र बनी थी, वह थी लंगर प्रथा। गुरु अमरदास जी द्वारा शुरू की गई लंगर प्रथा की झांकी जब राजपथ पर निकली थी तो सभी ने इसे सराहा था। बता दें कि गुरु अमरदास जी सिखों के तीसरे गुरु थे।

    2023 में जब पंजाब की झांकी को शामिल नहीं किया गया था, तब इस पर खासी राजनीति हुई थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 3.26 मिनट का एक वीडियो अपने इंटरनेट मीडिया पर शेयर कर इसे पंजाब के शहीदों का अपमान बताया था। जिसके बाद इस पर खासी राजनीति हुई थी।