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    आठ मैचों में गोलकीपर जयदीप सिंह ने नहीं होने दिया एक भी गोल

    By JagranEdited By:
    Updated: Sun, 15 Dec 2019 09:14 PM (IST)

    स्पो‌र्ट्स कांप्लेक्स-42 में आयोजित ग्रेट इंडियन फुटबॉल लीग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोलकीपर जयदीप सिंह ने गोल्डन ग्लब्स अवॉर्ड जीता। ...और पढ़ें

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    आठ मैचों में गोलकीपर जयदीप सिंह ने नहीं होने दिया एक भी गोल

    विकास शर्मा, चंडीगढ़ : स्पो‌र्ट्स कांप्लेक्स-42 में आयोजित ग्रेट इंडियन फुटबॉल लीग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोलकीपर जयदीप सिंह ने गोल्डन गलब्स अवॉर्ड जीता। जयदीप ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी टीम सेंट स्टीफन फुटबॉल एकेडमी के खिलाफ एक भी गोल नहीं होने दिया। इतना ही बाइचुंग भूटिया एकेडमी की टीम के साथ जब मैच टाई ब्रेकर में पहुंचा, तब भी जयदीप ने अपनी टीम के खिलाफ गोल नहीं होने दिया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में कुल आठ मैच खेले, लेकिन कोई भी टीम सेंट स्टीफन एकेडमी के खिलाफ गोल नहीं कर पाई। उनके इस प्रदर्शन के चलते उन्हें गोल्डन ग्लब्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। सेंट स्टीफन एकेडमी के ट्रेनी हैं जयदीप

    सेंट स्टीफन एकेडमी फुटबॉल एकेडमी के कोच सुरिदर सिंह ने बताया कि एकेडमी के खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। जयदीप की बदौलत टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा। जयदीप ने 2016 में उनके पास फुटबॉल खेलना शुरू किया था। तीन साल की मेहनत ने जयदीप को शानदार गोलकीपर बना दिया है। उम्मीद है कि वह एकेडमी के अन्य खिलाड़ियों की तरह भविष्य में देश के बेहतर गोलकीपर साबित होगा। गौरतलब है कि मौजूदा समय में टीम इंडिया के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू भी सेंट स्टीफन एकेडमी के खिलाड़ी हैं। जयदीप के पिता संदीप हैं चंडीगढ़ फुटबॉल एकेडमी के कोच

    जयदीप के पिता संदीप भी गोलकीपर रह चुके हैं। वह कई क्लबों की तरफ से खेलने के बाद मौजूद समय में चंडीगढ़ फुटबॉल एकेडमी के कोच हैं। उनके कई ट्रेनी भारतीय फुटबॉल टीम में शामिल हैं। संदीप के तैयार किए तीन गोलकीपर मौजूदा समय में भारतीय टीम के अलग-अलग फॉरमेट में खेल रहे हैं। उनके तैयार किए गोलकीपर प्रभसुखमन सिंह गिल, नीरज कुमार और जसकरन सिंह हैं। संदीप ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को कोचिग के सुरिदर सिंह के पास भेजा ताकि वह अपनी सख्ती से जयदीप के खेल को निखार सकें। उन्हें खुशी है कि उनका फैसला सही साबित हुआ।