गुरदासपर उपचुनाव में अटकाई पंजाब में किसानों की कर्ज माफी
पंजाब में किसानाें की कर्ज माफी फिलहाल अटक गई है। गुरदासपुर लाेकसभा सीट के उपचुनाव की घोषणा के कारण कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार अभी इस पर कदम नहीं उठा ...और पढ़ें
जेएनएन, चंडीगढ़। गुरदासपुर उपचुनाव सरकार के विकास के एजेंडे का इम्तिहान होंगे। इसके साथ ही राज्य के किसानाें की कर्ज माफी में अब और देर हो जाएगी। आचार संहिता लागू होने से सरकार को बहाना मिल गया है कि एक महीने तक न तो कोई घोषणा हो सकती है और न ही कोई नोटिफिकेशन जारी की जा सकती है।
पंजाब भवन में किसान कर्ज माफी को लेकर मंत्रिमंडल की सब कमेटी की बैठक में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि सरकार ने पूरी तैयारी कर ली थी कि किसानों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के कर्ज माफी पर अमल शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन अब चुनाव आचार संहिता के चलते सरकार ऐसा नहीं कर सकती। उन्होंने बताया कि अब गुरदासपुर चुनाव के बाद ही किसान कर्ज माफी संभव हो पाएगी।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह विदेश से लौट कर 18 या 19 सितंबर को इस बारे में एेलान करने वाले थे। सरकार की योजना है कि सवा दस लाख किसानों का प्रति किसान दो लाख रुपये का कर्ज 5 वर्षों में माफ किया जाए। सरकार इसकी नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी में थी। जीएसटी का पैसा केंद्र से न आने कारण सरकार का खजाना भी खाली है। हालांकि, सरकार को एक महीने का समय मिलने से राहत मिल गई है।
किसान नाख़ुश, मीटिंग को बताया बेनतीजा
किसान संगठनों के नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार ने किसानों के साथ जो वादे किए थे, उनको पूरा करने के लिए सरकार गंभीर नहीं है। किसानों ने मुख्य मंत्री के मोती महल का घेराव करने की योजना बनाई है। किसान नेता बूटा सिंह ने कहा कि बुधवार को हुई मीटिंग बेनतीजा रही।
एक्ट में संशोधन बड़ी चुनौती
पिछली अकाली-भाजपा सरकार की तरफ से किसान कर्ज माफी एक्ट में संशोधन कर इसे लागू करना पंजाब सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। किसान संगठन 12 फीसद ब्याज की मांग कर रहे हैं, जबकि आढ़ती इसे 18 फीसद रखने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि आढ़ती खुद भी कर्ज उठाते हैं।

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