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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab News: ठंडे बस्‍ते में पड़ी ई-चालान योजना, नई टेक्नोलॉजी से भाग रहे कर्मचारी; जानें क्‍या है वजह

Published: Sun, 21 Jul 2024 09:23 AM (IST)

पंजाब में ई-चालान योजना (E Challan Scheme) ठंडे बस्‍ते में पड़ी है। कर्मचारी नई टेक्‍नोलॉजी से भाग रहे हैं। ई-चालान ...और पढ़ें

ई-चालान से दूर भाग रहे पंजाब के कर्मचारी (फाइल फोटो)
ई-चालान से दूर भाग रहे पंजाब के कर्मचारी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पुराने कर्मचारियों को मशीन इस्‍तेमाल करने में आ रही दिक्‍कत
  2. नई टेक्‍नोलॉजी सीखने में कर्मियों को हो रही परेशानी

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब पुलिस का महत्वाकांक्षी ई चालान (E Challan Scheme) का प्रोजेक्ट नई टेक्नोलॉजी को सीखने में पुलिस कर्मचारियों की कमी दिलचस्पी के कारण ठंडे बस्ते में पड़ रहा है।

सेवानिवृत की कगार पर बैठे पंजाब पुलिस के कर्मी ई चालान के लिए विभाग की ओर से दी गई मशीनों का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पा रहे है क्योंकि पुराने कर्मचारी ई चालान की मशीनों को चलाने में ट्रेंड नहीं है।

कर्मचारी पुराने तरीके से ही काट रहे चालान

ट्रैफिक पुलिस के आलाधिकारी भी इस बात को मानते है कि जो कर्मचारी सेवानिवृत होने वाले है और बहुत पुराने है वह नई टेक्नोलॉजी में अपने आप को ढालना नहीं चहाते। नई तकनीक को सीखने की बजाए वह अपना तबादला किसी दूसरे विंग में करने के लिए अधिकारियों के पास पहुंच रहे है। कर्मचारी पुराने तरीके से ही लोगों के चालान करना चाहते है।

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इस वजह से शुरू किया गया था ई-चालान

पंजाब पुलिस की ओर से ई चालान प्रोजेक्ट को लोगों की सुविधा के लिए शुरू किया गया था ताकि मौके पर ही लोग ट्रैफिक चालान का भुगतान कर सके। लोगों को चालान का भुगतान करने के लिए ट्रैफिक पुलिस व आरटीओ कार्यालय के चक्कर न काटने पड़े। हालांकि विभाग के कर्मचारियों को ई चालान काटने की ट्रेनिंग भी दिलवाई जा रही है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कोई भी नई टेक्नोलॉजी सीखने में थोड़ा समय लगता है।

नई टेक्नोलॉजी से आसान होगा काम

नई टेक्नोलॉजी से कर्मचारियों का समय खराब नहीं होता। मैनुअल चालान भरने में जहां 20 से 25 मिनट लगते है वहीं ई चालान 3 से 4 मिनट में भर जाता है और मौके पर ही जुर्माने का भुगतान हो जाता है। इस में लोगों को किसी तरह का दस्तावेज भी नहीं देना पड़ता क्योंकि ऑनलाइन ही रिकॉर्ड पर सब लिखा जाता है।

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एडीजीपी ट्रैफिक एएस राय ने बताया कि ई चालान मशीनों में किसी तरह की दिक्कत नहीं है। पुराने कर्मचारियों को मशीनों का इस्तेमाल करने में दिक्कत आ रही है। लेकिन उनके लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था भी करवाई जा रही है। ताकि ई चालान हो सके। उन्होंने कहा कि अगर कहीं पर मशीनों की दिक्कत है तो उन्हें ठीक करवाया जा रहा है।