निलंबित DIG भुल्लर को झटका, अभी खानी पड़ेगी जेल की ही रोटी, रिश्वत केस में CBI कोर्ट का जमानत से इनकार
निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत मामले में बड़ा झटका लगा है। सीबीआई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे उन्हें फिलहाल जेल में ह ...और पढ़ें

रिश्वत केस में निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को नहीं मिली जमानत।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को बड़ा झटका लगा है। सीबीआई कोर्ट ने रिश्वत केस में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। यानी अभी जेल की ही रोटी खानी पड़ेगी। करीब सवा दो घंटे तक चली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया कि भुल्लर को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
सीबीआई की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि हरचरण सिंह भुल्लर का प्रशासन और सिस्टम में काफी रुतबा है। यदि उन्हें जमानत दी जाती है तो गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। इसी आधार पर सीबीआई ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने सीबीआई की दलीलों से सहमति जताते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान भुल्लर के वकील एसपीएस भुल्लर ने कोर्ट में कहा कि सीबीआई ने जिन बातचीत और दस्तावेजों को रिश्वत से जोड़ा है, उनमें प्रयुक्त शब्द सेवा-पानी का मतलब जरूरी नहीं कि रिश्वत ही हो। इसका कोई और सामान्य अर्थ भी हो सकता है। इसके अलावा उन्होंने तर्क दिया कि जिस स्थान की बात की जा रही है, वहां शिकायतकर्ता, बिचौलिया और सीबीआई अधिकारी के अलावा कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था।
साथ ही गिरफ्तारी के समय पंजाब के किसी वरिष्ठ अधिकारी को इसकी सूचना नहीं दी गई। वकील ने यह भी कहा कि केस में न तो स्पष्ट समय, न तारीख और न ही जगह का उल्लेख है। रिश्वत की रकम को लेकर भी विरोधाभास है, कहीं एक लाख तो कहीं चार लाख रुपये का जिक्र किया गया है।
सीबीआई का जवाब
सीबीआई के वकील नरेंद्र सिंह ने बचाव पक्ष की दलीलों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भुल्लर के खिलाफ दर्ज मामला नॉन-बेलेबल है और इसमें दो पुख्ता गवाह हैं। जिसमें इंस्पेक्टर पवन लांबा और इंस्पेक्टर आरएम शर्मा हैं। सीबीआइ ने कोर्ट को बताया कि भुल्लर एक बड़े पद पर तैनात थे और पूर्व डीजीपी के बेटे हैं, इसलिए जांच एजेंसी ने पहले ही सभी सबूत इकट्ठा कर लिए थे।
सीबीआई के अनुसार भुल्लर द्वारा बिचौलिये को भेजे गए मैसेज से साफ पता चलता है कि रिश्वत मांगी जा रही थी। मैसेज में लिखा था, जितने देता है, उतने ले लो और पूरे 8 लाख करने हैं। सीबीआइ ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की अधिसूचना के तहत सीबीआई के डीएसपी को गिरफ्तारी का पूरा अधिकार है, खासकर जब मामला भ्रष्टाचार और इतने बड़े अधिकारी से जुड़ा हो।
मोहाली से हुई थी गिरफ्तारी
सीबीआई ने 16 अक्टूबर को हरचरण सिंह भुल्लर को मोहाली स्थित अपने कार्यालय से गिरफ्तार किया था। इससे पहले दलाल कृष्नु शारदा को पकड़ा गया था। भुल्लर पर पांच लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उनके घर पर छापेमारी में करीब 7.50 करोड़ रुपये नकद, महंगी घड़ियां, शराब और गाड़ियों की चाबियां बरामद होने का दावा किया गया था।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।