चंडीगढ़ के सेक्टर-48 में 100 बेड के अस्पताल में आधे से कम मरीज, प्रशासक ने जताई चिंता, सेवाओं को प्रभावी बनाने के निर्देश
चंडीगढ़ के सेक्टर-48 स्थित 100 बेड के सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी कम है, जिससे प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने चिंता जताई है। दैनिक जागरण की ख ...और पढ़ें

प्रशासक को निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता, रेफरल सिस्टम की कमी के कारण अस्पताल खाली पड़ा नजर आया।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेक्टर-48 स्थित सिविल अस्पताल की जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 100 बिस्तरों की क्षमता वाले इस अस्पताल में फिलहाल केवल 54 बेड ही भरे हुए हैं, जबकि सुविधाओं के बावजूद मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। सोमवार को प्रशासक गुलाबचंद कटारिया व अन्य आला अधिकारी अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता, रेफरल सिस्टम की कमी के कारण अस्पताल खाली पड़ा नजर आया। इसके साथ संबंधित अधिकारियों ने प्रशासक को अस्पताल के प्रमुख वार्डों और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी दी।
उन्होंने जनरल ओपीडी, प्रयोगशाला, टीकाकरण कक्ष और फार्मेसी का निरीक्षण किया। इसके अलावा प्रशासक ने क्षयरोग एवं श्वसन रोग विभाग का भी दौरा किया, जिसमें टीबी वार्ड और मल्टी-ड्रग रेज़िस्टेंट (एमडीआर) कक्ष शामिल हैं। प्रशासक ने आन्कोलॉजी, रेडियोलाजी, मनोरोग एवं नशा मुक्ति वार्डों का भी निरीक्षण किया।
साथ ही आइसोलेशन यूनिट और ब्रैकीथेरेपी सुविधाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और मरीजों से बातचीत कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की स्थिति जानी। निरीक्षण के दौरान प्रशासक ने अधिकारियों को अस्पताल की सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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