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    चंडीगढ़ में आसान हुआ DL बनवाना, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए घर से कर सकेंगे आवेदन, जानिए पूरी प्रक्रिया

    By Jagran NewsEdited By: Ankesh Thakur
    Updated: Sat, 01 Oct 2022 11:59 AM (IST)

    चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से विभागों में ज्यादा से ज्यादा सर्विस को कोशिश में लाने का काम किया जा रहा है। इसके तहत ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में भी रजिस्ट् ...और पढ़ें

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    चंडीगढ़ में लर्निंग डीएल के लिए घर से ही आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनाना आसान हो गया है। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथारिटी (RLA) आफिस के बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का आवेदन रजिस्ट्री एंड लाइसेंसिंग अथारिटी में घर बैठे कर सकेंगे। यह प्रक्रिया जल्दी शुरू हो जाएगी। 

    मिनिस्ट्री की तरफ से भी इसे लेकर नोटिफिकेशन जारी की गई है। इसके साथ आरएलए से संबंधित 58 सुविधाओं को भी ऑनलाइन किया जाना है। हालांकि, चंडीगढ़ में पहले से ही इसे लेकर काम शुरू हो चुका है और आरएलए के साथ स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को मिलाकर कुल 60 तरह के विभिन्न कार्य को आनलाइन सर्विस से जोड़ दिया गया है। जबकि अभी 12 अन्य सर्विसेस को आनलाइन किया जाना है। 

    चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से विभागों में ज्यादा से ज्यादा सर्विस को कोशिश में लाने का काम किया जा रहा है। इसके तहत ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में भी रजिस्ट्री एंड लाइसेंस अथॉरिटी की तरह काम किए गए हैं। वहीं सेक्टर 17 स्थित रजिस्ट्री एंड लाइसेंसिंग अथारिटी के दफ्तर में सबसे ज्यादा लोगों का आना जाना होता है। इसकी एक आंकड़े के अनुसार बात करें तो रोजाना 700 से 800 लोग वाहन रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन ट्रांसफर, वाहनों की एनओसी समेत विभिन्न तरह के काम करवाने आते हैं। यही वजह है कि कार्यालय में आनलाइन सिस्टम को बेहतर करने के लिए विभिन्न तरह की सभी सर्विसेस को ऑनलाइन किया जा रहा है। 

    सेल्फ अटेस्ट मेडिकल सर्टिफिकेट देना पड़ेगा

    आरएलए से मिली जानकारी के अनुसार अब लर्निंग लाइसेंस बनवाते समय वाहन चालक को सेल्फ अटेस्ट मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा। इसमें वाहन चालक खुद यह जानकारी देगा कि उसे किसी भी प्रकार से कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं है। अगर वाहन चालक को स्वास्थ्य संबंधी समस्या है तो उसे लर्निंग लाइसेंस बनवाते समय स्वयं इसकी जानकारी देनी होगी। अगर कोई भी वाहन चालक सेल्फ अटेस्ट मेडिकल सर्टिफिकेट पर कोई झूठी जानकारी देता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    नाबालिग के अभिभावक देंगे डेक्लारेशन

    नाबालिग (16 साल) के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय अभिभावकों को डेक्लारेशन देना होगा। अभिभावक अपने बच्चों का मेडिकल सर्टिफिकेट अटेस्ट करेंगे। साथ ही ड्राइविंग की पूरी जिम्मेदारी लेंगे। मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 7 के सब सेक्शन 2 के तहत अभिभावकों को डेक्लारेशन देना होगा।