Chandigarh: कार चोरी में कांस्टेबल सहित चार गिरफ्तार, फर्जी नंबर लगाकर करते थे इस्तेमाल
पंजाब में चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर कार चोरी की थी। चोरी की कार पर फर्जी नंबर लगाकर इस्तेमाल करते थे। जिला अदालत में पेश करने के बाद सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत भेज दिया गया है।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : मोहाली से सफेद रंग की स्विफ्ट कार चोरी के मामले में पुलिस ने चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान कांस्टेबल कुलदीप, मोहाली के पड़च निवासी अमित कुमार, फरीदाबाद के सेहतपुर निवासी नजर हुसैन और पानीपत स्थित जगजीवन राम कालोनी निवासी प्रकाश उर्फ पिंटू के तौर पर हुई है। जिला अदालत में शुक्रवार को पेश करने के बाद सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत भेज दिया गया है।
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इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने पहले चोरी की कार के साथ अमित कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस रिमांड में अमित ने पूछताछ के दौरान सभी आरोपितों की पहचान और भूमिका उजागर कर दी। 10 जनवरी 2023 को इंस्पेक्टर राजीव कुमार के सुपरविजन में हेड कांस्टेबल प्रवीन कुमार पुलिस टीम के साथ सेक्टर-11 एरिया में पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर सेक्टर-11/15 के अंडरब्रिज के समीप पुलिस ने उत्तराखंड नंबर (यूके01एपी5176) कार सवार अमित कुमार को दबोचा था।
जांच में पता चला कि चोरी की कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी है। पंजाब नंबर की कार खरड़ के सचिन छाबड़ा के नाम रजिस्टर्ड है, जबकि सेक्टर-45 से चोरी इस कार की शिकायत पर सेक्टर-34 थाने में दर्ज है। इसके बाद पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर दो दिन का रिमांड हासिल कर लिया था।
बीएससी आइटी पास युवक दोस्तों संग ठगी में काबू, हवाला के जरिए बाहर भेजा पैसा
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : सीआरपीएफ कैंप हल्लोमाजरा में रहने वाले सुरिंदर जीत से कनाडा वाला चचेरे भाई बनकर एक लाख रुपये की ठगी करने के तीन आरोपितों को शुक्रवार साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों की पहचान बिजनौर स्थित धामपुर के 22 वर्षीय फैसल अंसारी, मोहम्मद माजिद और नदीम अहमद के तौर हुई है। फैसल बीएससी आइटी, माजिद 12वीं और नदीम बीएससी पास है।
जांच में सामने आया है कि आरोपित अब तक ठगी के तकरीबन एक करोड़ रुपये जमाकर हवाला या क्रिप्टो के जरिए पाकिस्तान और दुबई पैसे भेज चुके हैं। पुलिस ने तीनों को जिला अदालत में पेश कर तीन-तीन दिन के रिमांड पर लिया है। 14 दिसंबर 2022 को सुरिंदर जीत ने बताया था कि उनके नंबर पर वाट्सएप के जरिए कनाडा से एक काल आई थी। काल करने वाले ने खुद को कनाडा में रहने वाले उसके चचेरे भाई काकू के तौर पर बताकर बात की।
इसके बाद आरोपित ने भारत में एक दोस्त को 15 लाख रुपये देने की बात कहकर उससे तत्काल तीन लाख रुपये की मदद करने की अपील की। इस दौरान आरोपित ने 15 लाख रुपये ट्रांसफर करने की नकली रसीद भेजकर शिकायतकर्ता से एक लाख रुपया दोस्त के अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिया था। बाद में सुरिंदर जीत को ठगे जाने का पता चला तो उन्होंने इसकी शिकायत साइबर पुलिस को दी।
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एसपी केतन बंसल के निर्देशानुसार डीएसपी वेंकटेश के सुपरविजन में इंस्पेक्टर रंजीत सिंह की टीम ने आरोपितों को उनके अस्थाई पते मनीमाजरा में अलग-अलग जगह से ट्रैस कर दबोचा। मनीमाजरा गोविंदपुर से काबू फैसल ने माजिद तक पुलिस को पहुंचाया। इसी तरह तीसरे आरोपित नदीम को भी पुलिस ने काबू कर लिया।
चोरी में कांस्टेबल सहित अन्य की भूमिका
पुलिस के अनुसार खरड़ सफेद रंग की स्विफ्ट कार कांस्टेबल कुलदीप ने दोस्त अमित साथ मिलकर सेक्टर-45 से चोरी की थी। इसके बाद नंबर प्लेट बदलकर अमित और कुलदीप बारी-बारी से दो माह से कार को चला रहे थे। कांस्टेबल कुलदीप सिक्योरिटी ब्रांच में तैनात था। जबकि आरोपित अमित कार चलाता पकड़ा गया था। वहीं, नजर हुसैन और प्रकाश ने चोरी की कार में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की भूमिका निभाई है। पुलिस सभी की भूमिका को अन्य वाहन चोरियों के मामले से जोड़कर जांच करने में लगी है।
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