Chadigarh News: 12 साल बाद एसजीपीसी चुनाव की सुगबुगाहट, आयोग ने कहा - मतदाता सूची तैयार करें
12 साल बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है । दो साल पहले लगाए गए मुख्य चुनाव आयुक्त गुरुद्वारा आयोग जस्टिस एसएस स ...और पढ़ें

चंडीगढ़, जागरण संवाददाता : 12 साल बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है । दो साल पहले लगाए गए मुख्य चुनाव आयुक्त गुरुद्वारा आयोग जस्टिस एसएस सारों ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और यूटी चंडीगढ़ के गृह सचिवों को एक पत्र लिखकर मतदाता सूची बनाने को कहा है। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि अभी तक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव करवाने संबंधी कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की है।
12 साल पहले हुआ था चुनाव
पंजाबी और अंग्रेजी में जारी किए गए पत्र में जस्टिस एसएस सारों ने कहा है कि मतदाता सूची बनाने का काम अभी से शुरू कर दिया जाए। काबिले गौर है कि 12 साल पहले साल 2011 में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का चुनाव करवाया गया था उसके बाद यह चुनाव अमृतधारी बनाम-सहजधारी के मुद्दे को लेकर अदालतों में उलझता रहा और अब जबकि अदालती लड़ाई भी खत्म हो चुकी है इसके बावजूद केंद्र सरकार चुनाव करवाने में कोई इच्छा नहीं दिखा रही है।
पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में होंगे चुनाव
जबकि नियमों के मुताबिक सिखों की इस मिनी संसद का चुनाव हर पांच साल बाद होना चाहिए। इस बार अगर चुनाव हुए तो यह पंजाब, हिमाचल प्रदेश और यूटी चंडीगढ़ में होंगे जबकि इससे पहले इनके हरियाणा भी चुनाव होते थे। एसजीपीसी की 120 सीटों में से हरियाणा की 8 सीटों पर इस बार चुनाव नहीं होंगे। हरियाणा की आठ सीटों पर 11 सदस्य चुने जाते हैं। पंजाब के बाद सबसे ज्यादा सीटें हरियाणा में ही हैं लेकिन हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में हारने के बाद अब ये चुनाव केवल पंजाब, हिमाचल और यूटी चंडीगढ़ में ही होंगे।
112 सीटों पर ही मतदान होगा
जबकि शेष अन्य 112 सीटों पर ही मतदान होगा। दिलचस्प बात है कि इसमें कई सीटों पर दोहरे उम्मीदवार जीतते हैं यानी एक ही सीट पर जनरल और अनुसूचित जाति का सदस्य जीतकर आता है। पंजाब की 110 सीटों पर 157 सदस्य चुने जाएंगे जबकि दो सीटें चंडीगढ़ और हिमाचल की हैं जहां से एक एक सदस्य जीतकर आएगा।

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