पंजाब के पूर्व DIG भुल्लर को मिली जमानत, फिर भी रहेंगे जेल में; आय से अधिक संपत्ति का है मामला
पंजाब के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को आय से अधिक संपत्ति मामले में जमानत मिल गई है, लेकिन वह रिश्वत से जुड़े मामले में जेल में ही रहेंगे। सुनवाई ...और पढ़ें

पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत पर फंसा पेंच (फाइट फोटो)
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को आय से अधिक संपत्ति मामले में जमानत मिल गई है, लेकिन रिश्वत से जुड़े एक अन्य मामले में वह जेल में ही रहेंगे।
सुनवाई के दौरान भुल्लर के वकील ने दावा किया कि सीबीआई ने 60 दिनों में चालान पेश नहीं किया, इसलिए कोर्ट द्वारा जमानत मिल जानी चाहिए। इस पर सीबीआई ने तर्क दिया कि ऐसे मामलों में 90 दिन का समय मिलता है।
29 अक्टूबर को दर्ज हुआ था केस
गौरतलब है कि हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ सीबीआई ने 29 अक्टूबर को आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था। उस मामले में भुल्लर को औपचारिक तौर पर पांच नवंबर को गिरफ्तार किया गया, क्योंकि वह रिश्वत मामले में पहले से जेल में थे।
हालांकि, सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति मामले में 60 दिनों के भीतर चालान पेश नहीं किया, जिस पर सोमवार को भुल्लर के वकील ने अदालत से जमानत दिए जाने की मांग कर दी।
इस पर सीबीआई के सरकारी वकील ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति मामले में चालान पेश करने के लिए 90 दिन का समय मिलता है, जबकि भुल्लर के वकील 60 दिन के समय के कानून का हवाला दे रहे थे।
2 जनवरी को कोर्ट ने खारिज की थी याचिका
इससे पहले दो जनवरी को कोर्ट ने भुल्लर की जमानत अर्जी खारिज की थी। भुल्लर के वकील ने जमानत अर्जी में यही सवाल खड़ा किया था कि शिकायतकर्ता आकाश बत्ता से बिचौलिये ने सबसे पहले पांच अगस्त 2025 को एक लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। जबकि उसने सीबीआई को 11 अक्टूबर 2025 को शिकायत दी।
ऐसे में वह दो महीने तक खामोश क्यों रहा? इस पर सीबीआई जज भावना जैन ने कहा कि शिकायतकर्ता एक आम आदमी है। उसके लिए इतना बड़ा फैसला लेना साहस का काम है। इसमें समय लग सकता है।

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