KIRTI Scheme: अनुराग ठाकुर ने देशभर में लॉन्च की कीर्ति स्कीम, यहां पढ़िए इसके फायदे से लेकर रजिस्ट्रेशन तक सबकुछ
अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की पदक तालिका में भारत शीर्ष स्थान पर रहे इसके लिए प्रतिभा खोज बहुत जरूरी थी। इसी मकसद से खेलो इंडिया राइजिंग टैलेंट इंडेंटिफिकेशन (कीर्ति) स्कीम को शुरू किया गया है। इसे लेकर केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि इस स्कीम को शुरू करने का मकसद यही है कि प्रतिभावान खिलाड़ियों को जमीनी स्तर पर तलाश कर उन्हें बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।

विकास शर्मा, चंडीगढ़। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने खेल परिसर-7 में कीर्ति स्कीम की लॉन्चिंग के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री की सोच है कि युवा अवस्था से ही खिलाड़ियों को चुनकर उन्हें प्रशिक्षित कर मेडल जीतने के लिए तैयार करने के लिए कोई योजना होनी चाहिए। उनकी इसी सोच को ध्यान में रखकर कीर्ति स्कीम लांच की गई है।
पिछले 10 वर्षों में सरकार ने 3000 करोड़ रुपये खर्च खेल का आधारभूत ढांचा खड़ा किया है। 1075 खेलो इंडिया सेंटर खोले गए, खिलाड़ियों के लिए आनलाइन नगद ईनाम दिए गए। इसका असर टोक्यो ओलिंपिक, पैराओलिंपिक, एशियन गेम्स और कामनवेल्थ खेलों की पदक तालिक पर भी देखने को मिला।
इसके बाद अनुराग ठाकुर ने ट्रायल्स देने के लिए आए एथलीट्स से भी बातचीत कर उनके स्कूल, उम्र व खेल रूचि के बारे में जानकारी ली। अब कीर्ति स्कीम के माध्यम से खिलाड़ियों को खोज कर उन्हें प्रशिक्षिण देकर निखारने का काम होगा। इस दौरान सांसद किरण खेर समेत खेल मंत्रालय, यूटी प्रशासन व खेल विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
चंडीगढ़ में अभी शुरू होंगे सात खेल
खेल विभाग के संयुक्त खेल निदेशक सुनील रेयात ने बताया कि मंगलवार को भी शहर में कीर्ति स्कीम के तहत 200 बच्चों के ट्रायल लिए गए। अगले छह दिनों तक माई भारत पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने वाले खिलाड़ियों के ट्रायल लिए जाएंगे। प्रत्येक खेल के 200 खिलाड़ी के रोजाना ट्रायल होंगे।
यूटी स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के कोच खिलाड़ियों की खेल तकनीक और फिजिकल एजुकेशन के अध्यापक उनकी फिटनेस संबंधी क्षमताओं को परखेंगे। इसके बाद चयनित खिलाड़ी खेल परिसर-7 में एथलेटिक्स, वालीबाल और बैडमिंटन की कोचिंग लेंगे। खेल परिसर- 42 में खो-खो, कबड्डी, हाकी, और फुटबॉल की कोचिंग लेंगे।
इन 10 खेलों के खिलाड़ी चयनित किए जाएंगे
कीर्ति स्कीम के पहले चरण में 10 खेलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ी तराशे जाएं। इनमें एथलेटिक्स, आर्चरी, बाक्सिंग, फुटबाल, हाकी, कबड्डी, खो -खो, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग और रेसलिंग शामिल है। अगले चरण में 20 अन्य खेलों को शामिल किया जाएगा। प्रत्येक खिलाड़ी का कीर्ति स्कीम के तहत डाटा बनेगा। इसमें खिलाड़ी की ऊंचाई,भार, लचीलेपन का दायरा, शरीर के नीचे हिस्से की मजबूती,शरीर के ऊपरी हिस्से की मजबूती, स्पीड, फुर्ती, कोर स्ट्रैंथ और धैर्य की परीक्षा ली जाएगी।
मैंने अपने कार्यकाल में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई छोटे बड़े खेल परिसर खोले। खेल जगत में शहर के खिलाड़ियों ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है। वावजूद इसके अभी भी कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें बेहतर मौके नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में कीर्ति स्कीम ऐसे खिलाड़ियों को तलाशने व निखारने में अहम भूमिका निभाएगी।
किरण खेर, सांसद, चंडीगढ़
कीर्ति स्कीम को शुरू करने का मकसद यही है कि प्रतिभावान खिलाड़ियों को जमीनी स्तर पर तलाश कर उन्हें बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाना। 9 से 18 वर्ष के खिलाड़ी माई भारत पोर्टल पर जाकर मुफ्त अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
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इस दौरान आपको अपने जिले का नाम व संपर्क नंबर बताना होगा। इसके बाद कीर्ति टीम खुद आपसे संपर्क कर आपकी खेल प्रतिभा को परखेगी। आप काबिल हैं तो साईं सेंटर, खेलो इंडिया सेंटर या नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के साथ खिलाड़ियों को जोड़कर अलग अलग स्तर की ट्रेनिंग दी जाएगी।
कुछ महीनों में हर जिले में कीर्ति स्कीम लांच होगी। शुरुआत में 50 जगह पर कीर्ति स्कीम के तहत ट्रायल लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हम ओलिंपिक 2036 की पदक तालिका में शीर्ष 10 में और ओलिंपिक- 2047 की पदक तालिका में शीर्ष पांच में हो। कीर्ति स्कीम इन्हीं लक्ष्यों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
अनुराग ठाकुर, केंद्रीय खेल मंत्री
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