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बठिंडा में दीवारों पर लिखा 'चिट्टा ही चिट्टा', बेटे से परेशान मां बोली-  200 से 500 में मिलती है नशे की पुड़िया

Published: Sun, 25 Oct 2026 01:14 PM (IST)

बठिंडा के एक गांव में मकान की दीवार पर विरोध संदेश लिखकर खुलेआम नशा बिकने का आरोप लगाया गया। पीड़ित ...और पढ़ें

HighLights

  1. बठिंडा के डूमवाली गांव में नशे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन।

  2. दीवारों पर 'चिट्टा ही चिट्टा' लिखकर जताया गया रोष।

  3. मां का आरोप, 200-500 रुपये में बिक रही नशे की पुड़िया।

जागरण संवाददाता, बठिंडा। पंजाब के बठिंडा जिले के अंतिम गांव डूमवाली की नर्सिंग कालोनी में नशे की समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा सामने आया है। शनिवार रात एक मकान की दीवार पर चिट्टा ही चिट्टा लिखकर इलाके में कथित तौर पर खुलेआम हो रही नशा तस्करी के खिलाफ रोष जताया गया। इस मामले में एक महिला ने आरोप लगाया कि कालोनी में हेरोइन की पुड़ियां 200, 300 और 500 रुपये में बेची जाती हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

कालोनी में रहने वाली महिला ने बताया कि उसका बेटा भी चिट्टे का सेवन करता है और वह नशे से प्रभावित परिवार की पीड़ा को अच्छी तरह समझती है। महिला के अनुसार, उसके बेटे ने दीवार पर चिट्टा ही चिट्टा इसलिए लिखा, क्योंकि उसके दावे के मुताबिक इलाके में नशा आसानी से उपलब्ध है।

महिला ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग भी नशा तस्करी में शामिल हैं और उन्होंने कथित तौर पर इससे संपत्ति बनाई है। उसने मांग की कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। महिला ने यह भी दावा किया कि 13-14 साल के छोटे बच्चे नशा बेचने और सेवन करने जैसी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।

उसने कहा कि नशे की समस्या से बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और प्रशासन को इस दिशा में गंभीर कदम उठाने चाहिए।

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पहले भी आ चुके ऐसे मामले

गौरतलब है कि इससे पहले नवंबर 2025 में मौड़ कलां गांव में भी घरों की दीवारों पर यहां चिट्टा सरेआम बिकता है जैसे संदेश लिखकर नशे के खिलाफ रोष जताया गया था। जून 2025 में भाई बख्तौर गांव में एक किसान ने साड्डा पिंड बिकाऊ है का बैनर लगाकर नशे की समस्या के विरोध में आवाज उठाई थी। वहीं डूमवाली की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में नशे की समस्या, युवाओं के भविष्य और नशा तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत को उजागर किया है।

पुलिस कार्रवाई से पहले होती है सूचना लीक

महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस कई बार इलाके में कार्रवाई करने पहुंचती है, लेकिन कुछ लोग कथित तौर पर नशा तस्करों को पहले ही छापेमारी की सूचना दे देते हैं। हालांकि, इस आरोप की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

उसने सरकार और प्रशासन से अपील की कि इलाके में नशे की समस्या पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जाए और प्रभावित परिवारों के बच्चों को नशे से बाहर निकालने के लिए सहायता दी जाए।

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15 दिन पहले चला था सर्च आपरेशन

जानकारी के अनुसार, करीब 15 दिन पहले बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह, एसएसपी सुहैल कासिम मीर और एडीसी जनरल कंचन की अगुआई में डूमवाली गांव में कार्डन एंड सर्च आपरेशन चलाया गया था। इस दौरान गांव को घेरकर नशा तस्करी के संदेह वाले लोगों के घरों की तलाशी ली गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई में पांच से छह लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे और उनके पास से दो से तीन ग्राम तक चिट्टा बरामद हुआ था।

मामले की जानकारी मिलने के बाद थाना संगत पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हरबंस सिंह ने कहा कि पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई करती है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत कार्रवाई करती है और इलाके में नियमित रूप से सर्च अभियान भी चलाए जाते हैं।

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