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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कनाडा-भारत के बिगड़ते संबंधों से लाखों छात्रों के भविष्य पर मंडराया खतरा, इमीग्रेशन एजेंट्स ने बताया कैसे पड़ सकता है असर

Published: Tue, 15 Oct 2024 10:55 PM (IST)

भारत और कनाडा के बिगड़ते संबंधों का सीधा असर देश के बच्चों पर पड़ सकता है। इमीग्रेशन से जुड़े सूत्रों ...और पढ़ें

कनाडा और भारत के बीच इस दौरान संबंध तनावग्रस्त हैं
कनाडा और भारत के बीच इस दौरान संबंध तनावग्रस्त हैं

HighLights

  1. बिना उच्चायुक्त के कनाडा में सुनवाई कौन करेगा, कनाडा गए भारतीय छात्रों में दहशत
  2. लाखों खर्च करने के बावजूद कनाडा दिखा सकता है भारतीयों को वापसी की राह
  3. खास बात है कि अधिकतर विद्यार्थी पंजाब के रहने वाले हैं

गुरप्रेम लहरी, बठिंडा। कनाडा-भारत के संबंधों के बिगड़ जाने से जहां कनाडा में रह रहे भारतीयों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। वहीं इमीग्रेशन के काम से जुड़े लोगों में भारी निराशा है। इमीग्रेशन से जुड़े सूत्रों के अनुसार कनाडा लाखों भारतीयों को भारत भेजने की तैयारी में है।

इमीग्रेशन का काम करने वाले एजेंट्स का मानना है कि कनाडा में रहते भारतीय जो अभी तक पीआर नहीं हो पाए, उनको भारत भेजने का कनाडा किसी भी समय फैसला ले सकता है। इस कारण कनाडा में रहने वाले भारतीय व उनके अभिभावक परेशानी के आलम में से गुजर रहे हैं।

भारत-कनाडा संबंधों के बिगड़ने का खामियाजा लाखों भारतीयों को भुगतना पड़ सकता है। इस कारण एनआरआइज के अलावा अभिभावकों में भारी चिंता है।

अंजू पठानियां ने कहा कि अगर दोनों देशों के संबंध बिगड़ते हैं तो सबसे ज्यादा असर अंतर राष्ट्रीय विद्यार्थियों पर पड़ेग। उनमें से भी सबसे ज्यादा असर पंजाबी विद्यार्थियों पर पड़ेगा।

लाखों खर्च करने के बावजूद घर वापसी का रास्ता

लाखों रुपये खर्च करके अभिभावकों ने अपने बच्चों को अच्छे भविष्य के लिए कनाडा भेजा था, लेकिन दोनों देशों के संबंध बिगड़ जाने से पंजाब के अरबों, करोड़ों रुपये मिट्टी में मिल सकते हैं। बठिंडा में यू-कैन एक्सपर्टस नाम से इमीग्रेशन का काम करने वाले संदीप ढिल्लों का कहना है कि भारतीय उच्चायुक्त को भारत ने वापस बुला लिया है।

उनके बिना कनाडा में भारतीयों की सुनवाई कौन करेगा। यह सबसे बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों देशों के संबंध और बिगड़ते हैं तो इमीग्रेशन का काम तो ठप होगा ही, साथ ही लाखों भारतीयों का भविष्य भी दांव पर लग सकता है। जिन भारतीयों को अभी तक पीआर नहीं मिली उनके सिर पर तलवार लटक रही है। उनको किसी भी समय कनाडा देश से निकाला जा सकता है।

पंजाबियों को होगा बड़ा नुकसान

अगर कनाडा सरकार ऐसा फैसला लेती है तो इससे भारतीयों खास पर पंजाबियों का बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है, क्योंकि अधिकांश लोगों ने अपनी जमीनें बेचकर व कर्ज लेकर अपने बच्चों को कनाडा भेजा था।

अगर वे वापस आ जाते हैं तो उनके लिए बहुत मुश्किल हो जाएगी, क्योंकि जमीन तो उनको कनाडा भेजने में ही बिक गई और ऊपर से सिर पर कर्ज होने के चलते वे कहीं के भी नहीं रहेंगे। कनाडा पढ़ाई करने गए पंजाबी गुरइनायत ने कहा कि अभी उनको कनाडा आए हुए तीन साल हुए हैं।

छात्रा 24 लाख खर्च करके कनाडा पहुंची

पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी वह वर्क परमिट पर है। लेकिन अब भारत व कनाडा के संबंध बिगड़ने शुरू हो गए। इस कारण पंजाबियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। छात्रा हरमन ने कहा कि 24 लाख रुपये खर्च करके कनाडा आई थी ताकि अच्छा भविष्य बना सके।

लेकिन यहां पर पहले काम की कमी हो गई और अब दोनों देशों के संबंध बिगड़ जाने के कारण खतरा और बढ़ गया है। कनाडा ने लाखों भारतियों को अमीर बनाया ,लेकिन जब हमारी अमीर होने की बारी आई तो कनाडा खुद गरीब हो गया। ऊपर से दोनों देशों के बिगड़ते संबंधों ने हमारी चिंता और बढ़ा दी है।

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