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    पंजाब: मनरेगा को खत्म करने पर बवाल, मजदूरों में आक्रोश, AAP नेता गुरदीप तूर ने केंद्र को दी संघर्ष की चेतावनी

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 03:01 PM (IST)

    मनरेगा एक्ट 2005 को धीरे-धीरे खत्म किए जाने से मजदूरों में भारी रोष है। आम आदमी पार्टी के नेता गुरदीप सिंह तूर ने इसे गरीब मजदूरों के साथ धोखा बताया। ...और पढ़ें

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    मनरेगा एक्ट 2005 को धीरे-धीरे खत्म किए जाने से मजदूरों में भारी रोष है (फोटो: जागरण)

    संवाद सूत्र, तलवंडी साबो। मनरेगा एक्ट 2005 को धीरे-धीरे भंग किए जाने के चलते देश भर के साथ-साथ क्षेत्र में भी मनरेगा मजदूरों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि इस योजना से गरीब और मजदूर वर्ग को पूरे वर्ष रोजगार की उम्मीद मिलती थी, लेकिन अब काम बंद होने के कारण वे भुखमरी के कगार पर पहुंच रहे हैं।

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    इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के नेता गुरदीप सिंह तूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मनरेगा जैसी जन-हितैषी योजना को समाप्त करना गरीब मजदूरों के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा अधिनियम 2005 का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब लोगों को कम से कम 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराना था, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि मजदूरों को महीनों तक काम नहीं मिल रहा है।

    सरदार तूर ने केंद्र सरकार से अपील की कि मनरेगा योजना को तुरंत पूरी तरह से लागू किया जाए और मजदूरों को नियमित काम देने के साथ-साथ उनकी बकाया मजदूरी भी शीघ्र अदा की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मजदूरों की मांगों की अनदेखी की तो संघर्ष का रास्ता अपनाया जाएगा।

    रोष प्रकट करते हुए मजदूरों ने भी कहा कि मनरेगा बंद होने से उनके घरों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और सरकार को इस गंभीर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।