यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
SGPC के फैसले पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह का बड़ा बयान, कहा- आज का दिन सिख इतिहास का सबसे बड़ा काला दिन
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के फैसले पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह का बयान भी सामने आया है। उन्होंने शुक्रवार को ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, अमृतसर। तख्त श्री दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह व जत्थेदार ज्ञानी सुल्तान सिंह को हटाने के एसजीपीसी के फैसले को अत्यंत दुखदायी करार दिया है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि आज का दिन सिख इतिहास का सबसे बड़ा काला दिन है। उन्होंने बादल परिवार का बिना नाम लिए कहा कि आज एक अकाली परिवार जड़ से उखड़ गया है। एक दिन ऐसा जल्द आएगा जब मुगलों की तरह इस परिवार का राजनीतिक करियर व नामोनिशान भी मिट जाएगा।
गौरतलब है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने शुक्रवार को सिख उपदेशक कुलदीप सिंह गजगड़ को अकाल तख्त का कार्यवाहक जत्थेदार (उच्च पुजारी) नियुक्त किया। उन्होंने वर्तमान ज्ञानी रघबीर सिंह की जगह ली है।
यह घटनाक्रम एसजीपीसी द्वारा फरवरी में तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार के पद से ज्ञानी हरप्रीत सिंह को हटाए जाने के बाद हुआ है। यह निर्णय यहां गुरुद्वारा निकाय एसजीपीसी की कार्यकारी बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
ढाई घंटे तक चली यह बैठक
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी की एसजीपीसी मुख्यालय में ढाई घंटे चली बैठक के बाद लिए गए फैसलों के तहत उक्त दोनों जत्थेदारों को पद से हटा दिया गया। इससे पहले इन्हीं विवादास्पद फैसलोंं के चलते तख्त श्री दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को भी 10 फरवरी को हटा दिया गया था।
इस तरह एक माह के अंतराल में तीन जत्थेदारो को जत्थेदारी से फारग कर दिया गया है। उधर, संत बाबा टेक सिंह को तख्त श्री दमदमा साहिब का कार्यकारी जत्थेदार मनोनीत किया गया है। 10 फरवरी 2025 को ज्ञानी हरप्रीत सिंह की जगह पर लगाए गए ज्ञानी जगतार सिंह को आज इस पद से हटाकर उनकी जगह बाबा टेक सिह को कार्यकारी जत्थेदार लगा दिया गया है।
कुलदीप सिंह कार्यकारी जत्थेदार
तेजी से घटे घटनाक्रम के तहत जत्थेदार रघबीर सिंह की जगह सिख प्रचारक कुलदीप सिंह गजगढ को श्री अकालतख्त का कार्यकारी जत्थेदार मनोनीत किया गया है। दोहरी जिम्मेवारी के तहत कुलदीप सिंह को तख्त श्री केसगढ साहिब के स्थायी जत्थेदार भी मनोनीत किया गया है। ज्ञानी रघबीर सिंह श्री हरिमंदिर साहिब के हैडग्रंथी बने रहेंगे। इस दौरान ज्ञानी सुल्तान सिंह को जत्थेदारी से फारग कर श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी की जिम्मेवारी सौंपी गई है ।
