यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Amritsar News: रणजीत एवेन्यू में आज से शुरू होगा शिल्प समागम कार्यक्रम, इन कर्माचारियों को उत्पाद के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर
Amritsar News सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय नेशनल शेडयूल कास्ट्स फाइनांस एंड डेवलपमेंट कारपोरेशन राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास ...और पढ़ें

HighLights
- शुक्रवार से रणजीत एवेन्यू में शिल्प समागम की शुरुआत की जाएगी
- सफाई कर्मचारी वर्ग के लाभार्थियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन के साथ-साथ बिक्री के लिए बड़ा मंच प्रदान करना उद्देश्य है
जागरण संवाददाता, अमृतसर। अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और सफाई कर्मचारी वर्ग के लाभार्थियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन के साथ-साथ बिक्री के लिए बड़ा मंच प्रदान करने के इरादे से शुक्रवार से रणजीत एवेन्यू में शिल्प समागम की शुरुआत की जाएगी।
इसका शुभारंभ केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले करेंगे। यह शिल्प समागम भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नेशनल शेडयूल कास्ट्स फाइनांस एंड डेवलपमेंट कारपोरेशन, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम भारत सरकार, नेशनल सफाई कर्मचारी फाइनांस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन भारत सरकार के संयुक्त प्रयास से करवाया जा रहा है।
12 से 21 जनवरी तक होगा आयोजन
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के महाप्रबंधक सुरेश कुमार शर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक संजय कुमार शर्मा तथा प्रबंधक संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि देश के विभिन्न शहरों में शिल्प समागम के सफल आयोजन के बाद अब अमृतसर में 12 से 21 जनवरी तक यह आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल मंत्र पर आधारित इस मेले का उद्देश्य शीर्ष निगमों के 17 राज्यों से आए 200 अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और सफाई कर्मचारी वर्ग के लाभार्थियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन के साथ-साथ बिक्री के लिए बड़ा मंच प्रदान करना है।
प्रदर्शनियों का आयोजन कर विपणन मंच प्रदान कर रहा है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मेले के माध्यम से समाज के लक्षित वर्ग को सशक्त और प्रदर्शनियों में भाग लेने वाले लाभार्थियों की अच्छी बिक्री होने से ऋण चुकाने के साथ-साथ स्वावलंबी बनने में मदद मिलेगी। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार वर्ष 2001 से अपने शीर्ष निगमों के माध्यम से ऋण सहायता प्राप्त अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और सफाई कर्मचारियों के लाभार्थियों के लिए इस प्रकार की प्रदर्शनियों का आयोजन कर विपणन मंच प्रदान कर रहा है।
