पाकिस्तान से आईं करीब 500 हिंदुओं की अस्थियां, मृतकों को भारत में मिलेगा मोक्ष; हरिद्वार में होगा गंगा विसर्जन
पाकिस्तान में मौत होने वाले 480 हिंदुओं की अस्थियां सोमवार को अटारी सीमा के रास्ते भारत लाई गईं। इन अस्थियों को हरिद्वार में पवित्र गंगा नदी में विसर्जित किया जाएगा। यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान से हिंदुओं की अस्थियां भारत लाई गई हैं। इससे पहले 2011 और 2016 में भी अस्थियां लाई गई थीं। महंत रामनाथ प्रयागराज कुंभ में भी स्नान करेंगे।

नितिन धीमान, अमृतसर। पाकिस्तान में आखिरी सांस पूरी करने वाले 480 लोगों को भारत में मोक्ष की प्राप्ति होगी। सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय अटारी सीमा के माध्यम से इन 480 लोगों की अस्थियां भारत लाई गईं।
पाकिस्तान के कराची स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के मुख्य सेवक महंत श्री राम नाथ महाराज ने बताया कि पाकिस्तान में आकस्मात अथवा आयु पूरी करने के बाद मृत्यु को प्राप्त हुए इन 480 हिंदुओं की मृत्यु के बाद शवों का संस्कार किया गया।
इनकी अस्थियों को कलश में मंदिर अथवा श्मशान घाट में सुरक्षित रखा गया था। मृतकों के स्वजनों की दिली इच्छा थी कि अस्थि प्रवाह पतित पावनी गंगा में किया जाए। भारत सरकार ने इसके लिए दो वर्ष पूर्व ही अनुमति दे दी थी। रविवार को इन अस्थियां को भारत लाए हैं और हरिद्वार में विसर्जित किया जाएगा।
प्रयागराज में करेंगे कुंभ स्नान
उन्होंने बताया कि वे 2011 और 2016 में भी अस्थियां लेकर भारत आए थे। अटारी सीमा से दिल्ली जाएंगे और यहां से रथ यात्रा निकाली जाएगी। पूरी विधि विधान से पूजा अर्चना होगी तथा अस्थियों को हरिद्वार में जल विसर्जित किया जाएगा।
वह लखनऊ और हरिद्वार में प्राचीन मंदिरों के दर्शन करेंगे और प्रयागराज में कुंभ स्नान करेंगे। इधर, सीमा सुरक्षा बल द्वारा आवश्यक आव्रजन और कागजी औपचारिकता पूरी करने के पश्चात इन अस्थियों को ले जाने की अनुमति दी गई।
पुरखों की चाहत
पाकिस्तान में मृत्यु को प्राप्त होने वाले लोगों की अस्थियां, वहीं जल प्रवाह की जाती थीं। 2022 में भारत सरकार ने पाकिस्तानी हिंदू परिवारों को गंगा में अस्थियां प्रवाहित करने की सुविधा प्रदान की।
इससे पूर्व स्पांसरशिप पालिसी लागू की गई थी, जिसके अंतर्गत उसकी पाकिस्तानी परिवार को भारत में अस्थियां विसर्जित करने की आज्ञा दी जाती थी, जिनका कोई स्वजन भारत में रहता है।
अब इसमें परिवर्तन कर पाकिस्तान के हिंदू परिवारों को अस्थियां विसर्जित करने के लिए दस दिन का वीजा जारी किया जा रहा है कि हमारे पुरखों की चाहत थी कि मरने के बाद उन्हें अपनी जमीन नसीब हो।
पाकिस्तान में 19 लाख 60 हजार हिंदू जनसंख्या
स्वतंत्रता के पश्चात यह तीसरी बार है कि अस्थियां भारत लाई गई हैं। पाकिस्तान में 19 लाख 60 हजार हिंदू जनसंख्या है। अधिकांश हिंदुओं की यह इच्छा रहती है कि उनके स्वजन की अस्थियां गंगा जी में विसर्जित की जाएं।
श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के संरक्षक रामनाथ ने कहा कि हम कई सालों से भारत सरकार से जो मांग कर रहे थे, जो पूरी हुई। पहली बार 2011 में यह 135 अस्थियां लाए थे। ये अस्थियां 64 वर्ष से संभालकर रखी गई थीं। इन्हें गंगा में विसर्जित किया जाए। 2016 में भी 160 अस्थियों को गंगा लाया गया था।
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