गोरखपुर, जेएनएन। दो महीने बाद शुक्रवार की शाम गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर पहुंचते ही कोरोना के मद्देनजर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ विकास परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ हुई बैठक में उन्होंने एक-एक बिंदु पर विस्तार से चर्चा की। 
जांच के इंतजाम और समृद्ध होंगे 
मुख्यमंत्री ने अफसरों को चेताया कि कोरोना संक्रमित मरीज को इलाज मिलने में किसी भी स्थिति में देर नहीं होनी चाहिए। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसे लेकर आश्वस्त भी किया कि जल्द जांच के इंतजाम और समृद्ध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से बड़ी संख्या में थर्मल स्कैनर और पल्स नापने की मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं। यदि आवश्यता पड़ी तो और भी मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने ट्रेनों और बसों से बाहर से आ रहे लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण पर जोर दिया। 
क्वारंटाइन सेंटरों में खानपान और सोने के इंतजाम की बेहतरी पर दिया जोर 
उन्‍होंने कहा कि हर हाल में सभी का स्वास्थ्य परीक्षण स्टेशन पर ही सुनिश्चित किया जाए। किसी भी व्यक्ति में संक्रमण की आशंका पाए जाने पर उसे तत्काल क्वारंटाइन सेंटर में पहुंचाया जाए और नमूना जांच के लिए भेजा जाए। क्वारंटाइन सेंटर में खानपान और सोने की दिक्कत किसी व्यक्ति को न हो, इसके लिए उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को सख्त हिदायत दी। 
वेंटीलेटर और ऑक्सीजन का इंतजाम बढ़ाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि वह अपने-अपने अस्पतालों में वेंटीलेटर और आक्सीजन का इंतजाम बढ़ाएं। प्राइवेट अस्पतालों में भी इमरजेंसी सेवा को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर और नर्स समेत सभी पैरामेडिकल स्टॉफ की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। बीमार और बुजुर्गों पर कोरोना संक्रमण को लेकर विशेष नजर रखी जाए।

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