चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। दिल्ली के विधानसभा चुनाव 2020 में जननायक जनता पार्टी के साथ भाजपा बड़ा गेम खेलने की तैयारी में है। भाजपा और जजपा में गठबंधन की अटकलों के बीच दुष्यंत चौटाला को सिर्फ दो सीटों पर चुनाव लडऩे की पेशकश की गई है। भाजपा नेतृत्व ने दुष्यंत चौटाला के सामने प्रस्ताव रखा है कि वह अपनी पसंद के चार उम्मीदवार भाजपा को दे दें, जिन्हें दिल्ली में भाजपा के टिकट पर चुनावी रण में उतारा जा सकता है।

भाजपा ने अपने टिकट पर चुनाव लड़वाने को जजपा से मांगे उम्मीदवार

हरियाणा की भाजपा सरकार में सहयोगी जजपा संयोजक दुष्यंत चौटाला ने भाजपा नेतृत्व की इस पेशकश पर अभी अपनी राय नहीं दी है। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आज दिल्ली में प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में दिल्ली विधानसभा चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप प्रदान किया जा सकता है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ दुष्यंत की लगातार बातचीत हो रही है। भाजपा और जजपा चाहते हैं कि दिल्ली का विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा जाए। हालांकि हरियाणा व दिल्ली के कुछ नेता इस गठबंधन के हक में नहीं हैं, लेकिन धरातल पर हुए सर्वे ने भाजपा व जजपा को मिलकर चुनाव लडऩे के लिए मजबूर कर दिया है।

दुष्यंत चौटाला भाजपा हाईकमान की इस पेशकश से अभी सहमत नहीं

जजपा संयोजक दुष्यंत चौटाला ने सर्वे के आधार पर दिल्ली में करीब एक दर्जन सीटें भाजपा से मांगी हैं। इनमें संगम विहार, देवली, बदरपुर, नजफगढ़, पालमपुर, मटियाला, द्वारका, नरेला, मुंडका, नांगलोर, बिजवासन, बवाना, महरौली और छतरपुर विधानसभा सीटें शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा नेतृत्व ने दुष्यंत चौटाला के समक्ष प्रस्ताव रखा है कि वह मुंडका, बिजवासन, बवाना और नजफगढ़ विधानसभा सीटों पर अपनी पसंद के चार उम्मीदवार भाजपा को दे दें, जिन्हें भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़वाया जाएगा।

दुष्यंत ने मांगी 12 सीटें, भाजपा देना चाह रही दो, चार पर सहमति के आसार

भाजपा नेतृत्व के इस प्रस्ताव पर दुष्यंत अभी सहमत नहीं हैं, लेकिन वह आज दिल्ली में अपनी कोर टीम से इस प्रस्ताव पर चर्चा कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा ने यह पेशकश भी की है कि जजपा को जो दो सीटें दी जा सकती हैं, वह दुष्यंत खुद तय कर बता दें। भाजपा चाहती है कि जजपा दिल्ली में नजफगढ़ और मुंडका विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़े। जजपा अपने उम्मीदवार भाजपा को देने के लिए तैयार नहीं दिखाई दे रही। जजपा की ओर से भाजपा को प्रस्ताव दिया गया है कि गठबंधन तो ठीक हैै, लेकिन भाजपा अपने और जजपा अपने चुनाव चिन्ह पर ताल ठोंके।

दुष्यंत चौटाला चाहते हैं कि जजपा को कम से कम चार सीटें जरूर दी जाए। जजपा की सबसे मजबूत दावेदारी नजफगढ़ विधानसभा सीट पर है। मुंडका पर दूसरी मजबूत दावेदारी बताई जा रही है। इसके अलावा जजपा बिजवासन और बवाना सीटों पर भी दावेदारी जता रही है। भाजपा व जजपा के बीच चुनाव लडऩे का फार्मूला अगले एक दो दिन में तय होने की पूरी संभावना है। जजपा दिल्ली में चुनाव को लेकर अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा से किसी सूरत में टकराने के मूड में नहीं है।

आप में टिकट से वंचित नेताओं पर भाजपा-जजपा की निगाह

जननायक जनता पार्टी व भाजपा की निगाह आम आदमी पार्टी के उन निवर्तमान विधायकों तथा टिकट के दावेदार नेताओं पर है, जिन्हें आप इस बार टिकट नहीं दे पाई है। दिल्ली कैंट से निवर्तमान विधायक सुरेंद्र कमांडो ने हरियाणा के जींद उपचुनाव से ठीक पहले जननायक जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच समझौता कराने में अहम भूमिका अदा की थी।

लोकसभा चुनाव के बाद आप और जजपा का गठबंधन टूट गया था। आम आदमी ने दिल्ली में अपने जिन 15 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे हैं, उनमें सुरेंद्र कमांडो भी हैं। असल में सुरेंद्र कमांडो जजपा नेता अजय सिंह चौटाला के काफी नजदीकी हैं। माना जा रहा है कि आप की कोर कमेटी ने इसी वजह से कमांडो का टिकट काटा है। फिलहाल जजपा दिल्ली कैंट सहित तिमारपुर, मुंडका, बवाना और बदरपुर विधानसभा क्षेत्र में उन विधायकों के संपर्क में है, जिनके आप ने टिकट काटे हैं।

 

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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