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    NCP Crisis: आडवाणी-जोशी बनिए...चाचा को अजित की सलाह, पवार का पलटवार- तुम तो खोटा सिक्का निकले

    By AgencyEdited By: Piyush Kumar
    Updated: Wed, 05 Jul 2023 04:54 PM (IST)

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर अधिकार किसका है? इसका दावा एक ओर अजित पवार कर रहे हैं तो दूसरी ओर शरद पवार ने कहा कि एनसीपी का चुनाव चिन्ह वो कहीं जाने नहीं देंगे। बुधवार को दोनों गुटों ने बैठक की। इस बैठक में शरद पवार अजित पवार सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी। आइए जानते हैं कि किस नेता ने क्या कहा

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    एनसीपी के दोनों गुटों के बीच बुधवार को खूब हुई जुबानी जंग।(फोटो सोर्स: जागरण)

    नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। महाराष्ट्र की राजनीति ने 5 जुलाई (बुधवार) को नई करवट ले ली है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में फूट पड़ने के बाद अब पार्टी पर कब्जा जमाने के लिए चाचा शरद पवार और भतीजे अजित पवार ने अपना पूरा दमखम लगा दिया है।

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    शरद पवार गुट और अजित पवार गुट दोनों ने दावा किया है कि एनसीपी पर उनका अधिकार है। इसी बीच, मुंबई में बुधवार को दोनों गुटों की बैठक भी हुई। इन दोनों बैठक में कई नेताओं ने अपनी बात रखी, लेकिन सभी का ध्यान तीन नेताओं पर टिका था। ये तीन नेता थे अजित पवार, सुप्रिया सुले और शरद पवार।

    एक तरफ जहां भतीजे अजित पवार ने चाचा को अब परोक्ष रूप से पार्टी के कामकाज से दूर रहकर मार्गदर्शक मंडल में शामिल होने की नसीहत दे दी। वहीं, बहन सुप्रिया सुले और चाचा शरद पवार ने अजित पवार के खिलाफ जुबानी जंग छेड़ दी। 

    भतीजे ने चाचा के उम्र पर उठाया सवाल

    82 वर्षीय शरद पवार की उम्र पर भतीजे ने सवाल उठाते हुए कहा," बीजेपी में नेता 75 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं। आपकी उम्र 80 के पार हो गई है, आप रिटायर क्यो नहीं हो जाते।

    अजित पवार ने आगे कहा कि 2004 में कांग्रेस से अधिक विधायक होने के बावजूद एनसीपी ने सीएम पद का मौका खो दिया था। अजित पवार ने कहा मैं चुप बैठा तो लोग समझेंगे, मुझमें ही खोट है। शरद पवार हमारे देवता हैं, हम उनका आशीर्वाद चाहते हैं।

    अजीत पवार ने कहा,"आपने मुझे सबके सामने खलनायक के रूप में चित्रित किया। मेरे मन में अभी भी उनके (शरद पवार) लिए गहरा सम्मान है...लेकिन आप मुझे बताएं, आईएएस अधिकारी 60 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं...राजनीति में भी बीजेपी नेता 75 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं। आप लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का उदाहरण देख सकते हैं... इससे नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का मौका मिलता है।

    उन्होंने आगे कहा,"आप (शरद पवार) हमें अपना आशीर्वाद दें... दूसरे दिन, उन्होंने वाईबी चव्हाण स्मारक गए...मैं भी वहां गया हूं...लेकिन आप 83 वर्ष के हैं, क्या आप रुकने वाले नहीं हैं?..हमें अपना आशीर्वाद दें और हम प्रार्थना करेंगे कि आप लंबी उम्र जिएं।"

    उन्होंने बैठक में ये भी कहा, मैं लोगों के कल्याण के लिए अपनी कुछ योजनाओं को लागू करने के लिए महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनना चाहता हूं।"

    बहन का भाई पर पलटवार

    अपनी पिता पर चचेरे भाई द्वारा सवाल खड़े किए जाने के बाद सुप्रिया सुले ने भी जबरदस्त पलटवार किया। सुप्रिया ने कहा,"उम्र सिर्फ एक नंबर है। वह कहते थे कि न खाऊंगा और न खाने दूंगा, लेकिन जरूरत पड़ी तो एनसीपी को ही खा गए।

    सुप्रिया सुले ने आगे कहा,"मेरे पिता मुझसे ज्यादा आपके हैं। मैं एक महिला हूं, रो भी सकती हूं और संघर्ष भी कर सकती हूं। एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा कि हमें अपमानित करें, लेकिन हमारे पिता शरद पवार को नहीं।"

    गलत किया तो सजा भुगतने के लिए रहें तैयार: शरद पवार

    अजित पवार और सुप्रिया सुले के बयान के बाद बारी थी एनसीपी प्रमुख शरद पवार की। शरद पवार ने कहा, "कुछ लोग छोड़कर गए हैं, उनका हमें दुख है। उन्होंने अजित पवार पर तंज कसते हुए कहा, कि अजित तो खोटा सिक्का निकले।

    उन्होंने अजित पवार को नसीहत भी दे डाली। शरद पवार ने कहा, "जिसने गलती की है वो सजा भुगतने के लिए तैयार रहें। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए संवाद काफी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैं लोगों के बीच हूं, सत्ता के बीच नहीं।"

    पार्टी के चुनावचिन्ह को लेकर शरद पवार ने कहा, पार्टी का चुनाव चिह्न हमारे पास है, वह कहीं नहीं जायेगा। जो लोग और पार्टी कार्यकर्ता हमें सत्ता में लाए, वे हमारे साथ हैं। मैं एनसीपी का चुनाव चिन्ह कहीं जाने नहीं दूंगा।

    शरद पवार ने आगे कहा कि मुझे कुछ लोग देवता भी कहते हैं और कुछ लोग कहते हैं कि मैंने अन्याय किया। सहमति नहीं थी तो बातचीत से हल निकालना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जो शिवसेना के साथ हुआ वही एनसीपी के साथ भी हुआ।

    उन्होंने मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। शरद पवार ने कहा कि अगर एनसीपी भ्रष्ट थी तो सरकार में शामिल क्यों किया?

    शिवसेना का विचारधारा स्वीकार तो भाजपा का क्यों नहीं: प्रफुल्ल पटेल

    शरद पवार के खिलाफ बगावत करने वाले नेताओं में से एक प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि जब एमवीए सरकार गिरने वाली थी, तब सभी एनसीपी विधायकों और मंत्रियों ने शरद पवार से भाजपा के साथ जाने का अनुरोध किया था।

    पटेल ने आगे कहा जब हम शिवसेना की विचारधारा को स्वीकार कर सकते हैं तो बीजेपी के साथ जाने में क्या आपत्ति है? हम एक स्वतंत्र इकाई के रूप में इस गठबंधन में शामिल हुए हैं। जम्मू में महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला बीजेपी के साथ गए हैं।

    शरद पवार के करीबी करना चाहते हैं पार्टी को समाप्त: छगन भुजबल

    नसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा कि हम यहां केवल इसलिए हैं, क्योंकि शरद पवार के आसपास कुछ करीबी सहयोगी हैं, वे पार्टी को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शरद पवार एक बार जब किनारे कर देंगे तो हम आपके पास वापस आने के लिए तैयार हैं। हम फिर आपके पास वापस आएंगे।

    उन्होंने ये दावा किया है कि उनके साथ एनसीपी के 40 विधायक हैं। छगन भुजबल ने आगे ये भी कहा कि शरद पवार हमेशा मेरे गुरू रहेंगे और वो जब भी हमें बुलाएंगे हम उनसे मिलने जाएंगे।

    नंबर गेम में अजित पवार आगे 

    बताते चलें कि नंबर गेम के मामले में अजित पवार का पलड़ा भारी दिख रहा है। अजित पवार ने दावा किया है कि उनके पास 40 से अधिक विधायक हैं। वहीं, बुधवार को हुई बैठक में शरद पवार के साथ एनसीपी के 13 विधायक मौजूद थे।