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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'मणिपुर में हिंसा परेशान करने वाली, इसे तुरंत रोका जाए', राहुल गांधी बोले- घावों को भरने में लगेंगे वर्षों

By AgencyEdited By: Ashisha Singh Rajput
Published: Mon, 14 Aug 2023 12:08 AM (IST)

वायनाड के सांसद के रूप में अपनी सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल पहली बार केरल के दो दिवसीय दौरे ...और पढ़ें

कांग्रेस नेता भाजपा पर आदिवासी समुदायों को जगलों तक सीमित रखने का आरोप लगाया
कांग्रेस नेता भाजपा पर आदिवासी समुदायों को जगलों तक सीमित रखने का आरोप लगाया

HighLights

  1. दुख और गुस्सा इतनी आसानी से दूर नहीं होने वाला है : राहुल गांधी
  2. मणिपुर में हिंसा उनके लिए एक सबक है कि जो विभाजन और नफरत की राजनीति करते हैं : : राहुल गांधी

कोझिकोड (केरल), पीटीआई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि मणिपुर में जारी जातीय हिंसा परेशान करने वाली है और इसे तुरंत रोकने की जरूरत है। वायनाड से सांसद गांधी ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा विभाजन, नफरत और गुस्से की एक विशेष प्रकार की राजनीति का परिणाम है। इसलिए सभी को एक साथ लेकर चलना जरूरी है।

केरल के दो दिवसीय दौरे पर राहुल गांधी

वायनाड के सांसद के रूप में अपनी सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल पहली बार केरल के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। यहां कोडेनचेरी में सेंट जोसेफ हाई स्कूल आडिटोरियम में सामुदायिक दिव्यांगता प्रबंधन केंद्र की आधारशिला रखने के बाद राहुल ने कहा कि मणिपुर में जातीय हिंसा के घावों को ठीक होने में वर्षों लगेंगे। उन्होंने कहा कि दुख और गुस्सा इतनी आसानी से दूर नहीं होने वाला है।

विभाजन और नफरत की राजनीति 

राहुल ने कहा कि मणिपुर में हिंसा उनके लिए एक सबक है कि जो विभाजन और नफरत की राजनीति करते हैं। इसका परिणाम क्या होता है, यह सबके सामने है। उधर वायनाड में राहुल गांधी ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर आदिवासी समुदायों को जंगलों तक सीमित रखने और उन्हें आदिवासी के बजाय वनवासी कहकर भूमि के मूल मालिकों के रूप में मानने से इन्कार करने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने भाजपा पर साधा निशाना

डा. अंबेदकर डिस्टि्रक्ट मेमोरियल केंसर सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि आदिवासी जंगल में ही रहें। उनके बच्चे पढ़-लिखकर डाक्टर, इंजीनियर,वकील, व्यवसायी आदि न बनें। उनके अधिकार और जमीन छीन ली जाए। कांग्रेस का सोच इसके एकदम उलट है। कांग्रेस चाहती है कि आदिवासियों को उनका हक मिले, उनके सपने पूरे हों। वह भी समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। इस दौरान उन्होंने केंसर सेंटर को सांसद निधि से 50 लाख रुपये भी दिए।

बता दें कि विश्व आदिवासी दिवस पर बीते बुधवार को राजस्थान के बांसवाड़ा पहुंचे राहुल ने वहां भी जनसभा के दौरान आदिवासियों को आदिवासी के बजाय वनवासी कहने के लिए भाजपा की आलोचना की थी और कहा था कि देश की जमीन आदिवासियों की है और वे ही इसके मूल मालिक हैं। वे ही भारत के पहले निवासी हैं।