हैदराबाद, पीटीआइ। तेलंगाना से बाहर पार्टी का विस्तार करने की महत्वाकांक्षा के तहत प्रदेश में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) ने बुधवार को अपना नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति (BRS) कर लिया। पार्टी की आम सभा में इस संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। आंध्र प्रदेश को विभाजित कर अलग तेलंगाना राज्य के गठन की मांग के साथ लगभग दो दशक पहले टीआरएस का गठन किया गया था। अब उसका लक्ष्य भाजपा को टक्कर देना और समान विचारधारा वाले दलों को साथ लाकर राष्ट्रीय ताकत के रूप में उभरना है।

पार्टी का नाम बदलने पर मुहर

जेडीएस के नेता एचडी कुमारस्वामी और तमिलनाडु की वीसीके पार्टी के नेता व सांसद टी. तिरुमावालावन की उपस्थिति में टीआरएस के अध्यक्ष व तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने पार्टी का नाम बदलने का प्रस्ताव पेश किया और बैठक में इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। राव की घोषणा का पार्टी के पदाधिकारियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। इस दौरान केसीआर जिंदाबाद, टीआरएस जिंदाबाद, देश का नेता केसीआर, प्रिय भारत वह आ रहा है, केसीआर रास्ते में है... जैसे नारे भी लगाए गए।

देश की यात्रा पर न‍िकलेंगे KCR

इस मौके पर राव ने कहा कि पार्टी की गतिविधियों का देशभर में विस्तार करने के लिए नाम में परिवर्तन किया गया है और इसके अनुसार पार्टी के संविधान में भी बदलाव किया गया है। उन्‍होंने एलान किया कि अब वह देश की यात्रा पर न‍िकलेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नियमों के मुताबिक पार्टी के नाम में बदलाव की सूचना निर्वाचन आयोग को दे दी जाएगी। बता दें कि टीआरएस ने नाम में परिवर्तन ऐसे समय किया है जब अगले साल राज्य में विधानसभा और 2024 में लोकसभा के चुनाव होने हैं।

ओवैसी की पार्टी ने किया स्वागत, कांग्रेस ने कहा- बेकार की कवायद

नाम परिवर्तन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मित्र दल एआइएमआइएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, 'पार्टी को नई शुरुआत करने के लिए मेरी शुभकामनाएं।' कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष आर. रेड्डी ने आरोप लगाया कि परिवार के विवाद को सुलझाने और राजनीतिक लालच को पूरा करने के लिए पार्टी का नाम बदला गया है। उन्होंने पहल की निंदा करते हुए दावा किया कि केसीआर तेलंगाना में चुनाव लड़ने के योग्य नहीं हैं।

भाजपा ने दुस्साहसी योजना बताया

तेलंगाना भाजपा के मुख्य प्रवक्ता के. कृष्ण सागर राव ने इस कदम को दुस्साहसी योजना करार दिया। उन्होंने कहा, चंद्रशेखर राव ने पहले अपनी सरकार को वित्तीय रूप से संचालित करने लिए संघर्ष किया और अब राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार का प्रयास कर बेकार की कवायद कर रहे हैं।

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Edited By: Krishna Bihari Singh

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