बंगाल की राजनीति में सरगर्मी तेज, सुवेंदु अधिकारी मालदा-कूचबिहार में करेंगे रैली; सशर्त अनुमति मिली
नए साल की शुरुआत के साथ ही बंगाल की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्षसुवेंदु अधिकारी ...और पढ़ें

मालदा में आज और कूचबिहार में कल नेता प्रतिपक्ष करेंगे रैली (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। नए साल की शुरुआत के साथ ही बंगाल की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को उत्तर बंगाल के मालदा और कूचबिहार जिलों में रैलियां करने की सशर्त अनुमति दे दी है।
पुलिस द्वारा सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण का हवाला देकर अनुमति न दिए जाने के बाद भाजपा नेता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। न्यायमूर्ति बिश्वरूप चौधरी की अवकाशकालीन पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रशासन के तर्कों को दरकिनार कर रैलियों का रास्ता साफ किया।
मालदा जिले के चंचल में एक जनवरी को होने वाली रैली के संबंध में पुलिस ने अदालत में तर्क दिया था कि नए साल के जश्न के कारण भारी भीड़ को नियंत्रित करना संभव नहीं होगा। अदालत ने इस दलील को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया और कुछ पाबंदियों के साथ सभा की अनुमति दी।
आदेश के अनुसार, मालदा की रैली में 9,000 से अधिक समर्थक शामिल नहीं हो सकेंगे और अधिकतम 70 माइक्रोफोन के उपयोग की सीमा तय की गई है। दो जनवरी को कूचबिहार में होने वाली भाजपा की सभा को लेकर भी पेंच फंसा था।
राज्य सरकार ने तर्क दिया था कि प्रस्तावित स्थल सरकारी भूमि है। कोर्ट ने यहां भी भाजपा को राहत देते हुए रैली की अनुमति दी, लेकिन संख्या बल को सीमित कर दिया है।
कूचबिहार की रैली में केवल 3,000 लोगों को शामिल होने की इजाजत होगी और वहां 20 लाउडस्पीकर, आठ स्पीकर बाक्स व चार माइक्रोफोन का ही उपयोग किया जा सकेगा। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि रैलियों के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति किसी भी कीमत पर न बिगड़े।

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