'PM मोदी और गृह मंत्री ने आधी रात फैसला लिया', राहुल गांधी ने CEC की नियुक्ति पर डिसेंट नोट में सरकार को घेरा
ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के नए मुख्य चुनाव आयुक्त (26th Chief Election Commissioner) बनाए जाने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नाराजगी जाहिर की है। राहुल गांधी ने डिसेंट नोट ने लिखकर अपनी असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का आधी रात को लिया गया यह फैसला अपमानजनक है। सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किया है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के नए मुख्य चुनाव आयुक्त (26th Chief Election Commissioner) बनाए जाने पर कांग्रेस (Congress) ने आपत्ति जाहिर की है। वहीं, राहुल गांधी ने इस मामले पर डिसेंट नोट लिखकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी की तीन सदस्यीय कमेटी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया पर फैसला लिया है। यह फैसला 2:1 के बहुमत से लिया गया।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर असहमति जताई। राहुल गांधी ने डिसेंट नोट में लिखा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का आधी रात को लिया गया यह फैसला अपमानजनक' है।
सरकार ने करोड़ों मतदाताओं की चिंता बढ़ा दी है: राहुल गांधी
उन्होंने डिसेंट नोट में लिखा,"सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करके और भारत के मुख्य न्यायाधीश को समिति से हटाकर, मोदी सरकार ने हमारी चुनावी प्रक्रिया की अखंडता पर करोड़ों मतदाताओं की चिंताओं को बढ़ा दिया है। विपक्ष के नेता के रूप में यह मेरा कर्तव्य है कि मैं बाबासाहेब अंबेडकर और हमारे देश के संस्थापक नेताओं के आदर्शों को कायम रखूं और सरकार को जवाबदेह ठहराऊं।"
कांग्रेस सांसद ने आगे लिखा, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा नए मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन का आधी रात को निर्णय लेना अपमानजनक और अशिष्टतापूर्ण है, जबकि समिति की संरचना और प्रक्रिया को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी जा रही है और इस पर अड़तालीस घंटे से भी कम समय में सुनवाई होनी है।
During the meeting of the committee to select the next Election Commissioner, I presented a dissent note to the PM and HM, that stated: The most fundamental aspect of an independent Election Commission free from executive interference is the process of choosing the Election… pic.twitter.com/JeL9WSfq3X
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 18, 2025
During the meeting of the committee to select the next Election Commissioner, I presented a dissent note to the PM and HM, that stated: The most fundamental aspect of an independent Election Commission free from executive interference is the process of choosing the Election… pic.twitter.com/JeL9WSfq3X
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 18, 2025राहुल गांधी ने क्या मांग की है?
दरअसल, गांधी चाहते थे कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में नई नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति स्थगित कर देना चाहिए। बता दें कि नए कानून के तहत अब मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति वाले पैनल में सीजेआई नहीं होंगे।
पुराने कानून के तहत पैनल में सीजेआई के शामिल होने का प्रावधान है। केंद्र सरकार ने कानून में बदलाव किया था, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राहुल गांधी ने कोर्ट के इसी फैसला का इंतजार करने के लिए कह रहे हैं।
केंद्र सरकार ने कानून में बदलाव किया था, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राहुल गांधी ने कोर्ट के इसी फैसला का इंतजार करने की बात कही है।
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