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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gyanesh Kumar के मुख्य चुनाव आयुक्त बनाए जाने पर राहुल गांधी नाराज, कांग्रेस की क्या है डिमांड?

Published: Tue, 18 Feb 2025 10:57 AM (IST)Updated: Tue, 18 Feb 2025 11:14 AM (IST)

ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के नए मुख्य चुनाव आयुक्त (26th Chief Election Commissioner) बनाए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जाहिर ...और पढ़ें

ज्ञानेश कुमार के CEC बनाए जाने पर राहुल गांधी नाराज।(फोटो सोर्स: फाइल फोटो)
ज्ञानेश कुमार के CEC बनाए जाने पर राहुल गांधी नाराज।(फोटो सोर्स: फाइल फोटो)

HighLights

  1. मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़ी याचिका पर 19 फरवरी को SC में सुनवाई होगी।
  2. कांग्रेस ने कहा- कोर्ट में सुनवाई तक सरकार को CEC की नियुक्त नहीं करनी चाहिए थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।  ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) को मुख्य चुनाव आयुक्त बनाए गए हैं। वो राजीव कुमार की जगह लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी की तीन सदस्यीय कमेटी ने यह फैसला लिया है। यह फैसला 2:1 के बहुमत से लिया गया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर असहमति जताई।

राहुल गांधी ने क्यों जताई नाराजगी?  

राहुल गांधी चाहते थे कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में नई नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति स्थगित कर देना चाहिए। नए कानून के तहत अब मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति वाले पैनल में सीजेआई नहीं होंगे।

पुराने कानून के तहत पैनल में सीजेआई के शामिल होने का प्रावधान है। केंद्र सरकार ने कानून में बदलाव किया था, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राहुल गांधी ने कोर्ट के इसी फैसला का इंतजार करने के लिए कह रहे हैं।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का अपमान किया: कांग्रेस

बता दें कि इस मामले को लेकर 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।  कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार को 19 फरवरी को इंतजार करना चाहिए था। सरकार ने संविधान और सुप्रीम कोर्ट का अपमान किया है।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा,"आधी रात को जल्दबाजी में सरकार ने नए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। यह हमारे संविधान की भावना के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कई मामलों में यह दोहराया है कि चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता के लिए, मुख्य चुनाव आयुक्त को एक निष्पक्ष हितधारक होना चाहिए।"

कौन हैं ज्ञानेश कुमार?

 वो केरल कैडर के 1988 बैच के IAS अधिकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय का हिस्सा थे। उन्होंने 2019 में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करने वाले विधेयक का मसौदा तैयार करने में मदद की थी। वह मई 2022 से अमित शाह के नेतृत्व वाले मंत्रालय में सचिव थे।

उनके पास गृह मंत्रालय में काम करने का पांच सालों का तजुर्बा है। पहले मई 2016 से सितंबर 2018 तक संयुक्त सचिव के रूप में और फिर सितंबर 2018 से अप्रैल 2021 तक अतिरिक्त सचिव के रूप में उन्होंने काम किया था।

उन्होंने कानपुर में भारतीय इंजीनियरिंग संस्थान (IIT Kanpur) से सिविल इंजीनियरिंग में बी-टेक की डिग्री प्राप्त की है। कुमार ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ऑफ इंडिया से बिजनेस फाइनेंस की भी पढ़ाई की है।

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