Odisha: जेपी नड्डा के ओडिशा दौरे के बाद पटनायक सरकार के खिलाफ भाजपा सख्त, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
भाजपा ने राष्ट्रपति चुनाव संपन्न होने के बाद अर्चना नाग हनीट्रैप मामले और मेहर हत्याकांड समेत कई मुद्दों को लेकर ओडिशा की बीजद सरकार पर हमला तेज कर दिया। ऐसे में भाजपा ने हर मुद्दे पर सरकार की तीखी आलोचना की।

भुवनेश्वर, एजेंसी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के ओडिशा दौरे के बाद पार्टी ने नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजू जनता दल (BJD) सरकार को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजद पर हमलावर नजर आ रही है।
भाजपा ने राष्ट्रपति चुनाव संपन्न होने के बाद अर्चना नाग हनीट्रैप मामले और मेहर हत्याकांड समेत कई मुद्दों को लेकर बीजद सरकार पर हमला शुरू कर दिया है।
भाजपा ने की नवीन पटनायक के इस्तीफे की मांग
भाजपा ने हर मुद्दे पर सरकार की तीखी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री को निशाना बनाया है। साथ ही पार्टी ने राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए नवीन पटनायक के इस्तीफे की मांग की और सड़कों पर प्रदर्शन किया। भाजपा ने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है और ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि राज्य में कम समय में तीन बड़ी घटनाएं हुई हैं।
स्वास्थ्य मंत्री नबा दास की हत्या
स्वास्थ्य मंत्री नबा दास की 29 जनवरी को दिनदहाड़े निर्मम हत्या कर दी गई, जबकि 3 फरवरी को बालासोर जिले में रेत खनन माफिया ने एक आईएएस अधिकारी और उनके चालक पर हमला किया था। इसके अलावा भाजपा ने बीजद विधायक बिजय शंकर दास पर भी कार्रवाई की मांग की है।
बता दें कि बीजद विधयक बिजय शंकर दास पर कथित तौर पर एक लड़की को परेशान करने का आरोप है। इस मामले में हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। ऐसे में भाजपा कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए राजधानी भुवनेश्वर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में चक्का जाम कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्री की हत्या मामले में उठी CBI जांच की मांग
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कई विधायक और अन्य भाजपा नेताओं ने बीजद सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाला हुआ है, जो साल 2000 से सत्ता पर काबिज है। नेता प्रतिपक्ष जयनारायण मिश्र ने स्वास्थ्य मंत्री की हत्या मामले को लेकर सीबीआई जांच की मांग की है।
भाजपा के तीन दिवसीय राज्यव्यापी प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए बीजद ने भी अपनी रणनीति को जमीनीस्तर पर उतारना शुरू कर दिया। बीजद भी धान की खरीद पर बजटीय आवंटन को कम करने और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 5 किलो मुफ्त चावल के वितरण को रोकने को लेकर सड़कों पर उतर गई। हालांकि, बीजद ने अपने विरोध प्रदर्शन को सीमित रखा और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ कोई भी आलोचनात्मक बयान नहीं दिया।

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