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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Meghalaya Election 2023: मेघालय में इस बार एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे सहयोगी दल, रोमांचक हुआ मुकाबला

By AgencyEdited By: Mohd Faisal
Published: Sun, 19 Feb 2023 12:13 PM (IST)

Meghalaya Election 2023 त्रिपुरा-नगालैंड में जहां पार्टियों के बीच गठबंधन हुआ है तो वहीं मेघालय में दलों के बीच कोई ...और पढ़ें

Meghalaya Election 2023: मेघालय में इस बार एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे सहयोगी दल (फोटो प्रतिकात्मक)
Meghalaya Election 2023: मेघालय में इस बार एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे सहयोगी दल (फोटो प्रतिकात्मक)

शिलांग, एजेंसी। पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिनमें से त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के लिए 16 फरवरी को मतदान हो चुका है। जबकि नगालैंड और मेघालय में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 27 फरवरी को होना है। त्रिपुरा-नगालैंड में जहां पार्टियों के बीच गठबंधन हुआ है तो वहीं मेघालय में दलों के बीच कोई चुनावी गठबंधन नहीं हुआ है।

एक-दूसरे के खिलाफ ही चुनाव लड़ रहे सहयोगी दल

मेघालय विधानसभा चुनाव में सहयोगी एक-दूसरे के खिलाफ ही लड़ रहे हैं। मेघालय विधानसभा की 60 सीटों पर 27 फरवरी को मतदान होना है। साल 2018 में पिछले विधानसभा चुनाव में मेघालय में छह पार्टियों के गठबंधन को जनादेश मिला था। जिसमें नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) शामिल थी। इसके अलावा मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस, बीजेपी, युनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीएफ), हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) और एक निर्दलीय शामिल था।

सभी पार्टियों ने उतारे अपने-अपने उम्मीदवार

बता दें कि इस बार 13 राजनीतिक दल, जिनमें भाजपा, कांग्रेस, एनपीपी और तृणमूल कांग्रेस के कुल 375 उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। इनमें 36 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। मेघालय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने 60-60 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 56 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इसके अलावा सीएम कोनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली एनपीपी ने 57 उम्मीदवारों, यूडीपी ने 46, एचएसपीडीपी ने 11, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 9, गण सुरक्षा पार्टी ने एक, गारो नेशनल काउंसिल ने दो, जनता दल (यूनाइटेड) ने तीन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।

क्या है मेघालय का गणित

मेघालय में लंबे समय से किंगमेकर रही यूडीपी भी इस बार राज्य में खासी समुदाय के मुख्यमंत्री की मांग पर जोर दे रही है। वहीं, संगमा, लिंगदोह और दखार राजनीतिक रूप से मजबूत परिवार हैं, जो वंशवाद की राजनीति करते हैं और वे अपने-अपने क्षेत्रों में सत्ता पर काबिज होने के लिए यह चुनाव भी लड़ रहे हैं। इसके अलावा गारो हिल्स क्षेत्र भी संगमाओं का गढ़ है।

गृह मंत्री शाह ने राज्य सरकार पर साधा निशाना

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले सप्ताह अपने चुनाव अभियान के दौरान कहा था कि भाजपा ने हाल ही में एनपीपी के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया और उसकी कड़ी आलोचना भी की थी। उन्होंने कहा कि निवर्तमान सरकार भ्रष्टाचार में शामिल है और मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा परिवार की राजनीति कर रहे हैं।

नड्डा ने भी राज्य सरकार को घेरा

गृह मंत्री ने कहा था कि भाजपा के चुनाव घोषणापत्र में पहले ही एलान किया जा चुका है कि वह मेघालय में सभी भ्रष्टाचारों की जांच सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के माध्यम से कराएगी। साथ ही उन्होंने कहा था कि सभी को जेल भेजा जाएगा। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राज्य के सभी नेताओं ने भी सरकार को आड़े हाथ लिया था।

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