जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। पांच दिन पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि इनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हुई और वे चीन को लेकर अच्छे मूड में नहीं हैं। भारत ने इसका खंडन किया था। लेकिन मंगलवार को दोनो नेताओं की टेलीफोन पर बात भी हुई और इसमें भारत-चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद पर खासी चर्चा हुई है। इसके पहले मोदी व ट्रंप के बीच गत 4 अप्रैल को बातचीत हुई थी लेकिन तब बातचीत का एजेंडा मुख्य तौर पर कोविड-19 तक ही सीमित रहा।

दोनों नेताओं के बीच मंगलवार को हुई वार्ता का एजेंडा काफी व्यापक रहा। समूह-7 देशों के संगठन को विस्तार देने से ले कर कई अमेरिकी शहरों में हिंसा भड़कने व व‌र्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन (डब्लूएचओ) में बड़े सुधार के तमाम विकल्पों पर भी दोनो के बीच विमर्श हुआ है।विदेश मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक टेलीफोन कॉल के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने समूह-7 देशों के मौजूदा संगठन को विस्तार देने की अपनी मंशा सामने रखी।

उन्होंने बताया कि किस तरह से अमेरिका चाहता है कि इसमें भारत समेत दूसरे महत्वपूर्ण देश शामिल हों। ट्रंप ने नए संगठन की बैठक सितंबर, 2020 में आयोजित करने की बात करते हुए पीएम मोदी को उसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया। संकेत है कि पीएम मोदी ने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। मोदी ने इस प्रस्ताव को एक दूरदर्शी कदम बताते हुए स्वागत किया है।

कोविड-19 की स्थिति पर भी हुई चर्चा

मोदी ने कहा कि कोविड-19 के बाद के काल के महत्व को देखते हुए इस तरह के संगठन का अपना महत्व होगा। मोदी ने कहा कि भारत को अमेरिका व दूसरे देशों के साथ मिल कर इस तरह के संगठन को सफल बनाने में खुशी होगी। जाहिर है कि भारत ने इसे अपना समर्थन दे दिया है।विदेश मंत्रालय ने बताया है कि दोनो नेताओं के बीच भारत व अमेरिका में कोविड-19 की स्थिति के साथ ही कुछ दूसरे द्विपक्षीय मामलों पर भी चर्चा हुई।

 भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा भी उठा

बातचीत में भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा भी उठा। यह बहुत ही अहम विषय है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति पिछले हफ्ते दो बार भारत-चीन सीमा विवाद का जिक्र कर चुके हैं। पहले उन्होंने इसमें हस्तक्षेप करने की बात कही जिसे चीन खारिज कर चुका है। उसके बाद उन्होंने यह दावा किया कि पीएम मोदी का मूड चीन को लेकर खराब है। सनद रहे कि पूर्वी लद्दाख के गलवन इलाके में पिछले एक महीने से चीन व भारत की सेनाओं के बीच तनाव का माहौल है। दोनो तरफ से लगातार सैनिकों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

मोदी औऱ ट्रंप के लिए एक दूसरे का साथ काफी अहम

मंगलवार को हुई यह बातचीत से पता चलता है कि भारत व अमेरिका के बीच रिश्ते मोदी और ट्रंप की अगुवाई में कितने गहरे हो चले हैं। ट्रंप अभी घरेलू राजनीति में उलझे हुए हैं और कुछ ही महीने बाद उन्हें चुनाव का भी सामना करना है। इसके बावजूद वह भारत के साथ अपने रिश्ते की अहमियत बनाये हुए हैं। दूसरी तरफ मोदी भी कोरोना, आर्थिक मंदी और चीन के साथ सीमा विवाद जैसी समस्याओं से घिरे हैं। ऐसे में दोनों के लिए एक दूसरे का साथ काफी अहम है।

पीएम मोदी जी-7 देशों के संगठन में शामिल होने को तैयार

ट्रंप ने जी-7 देशों के संगठन में रूस, भारत, आस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को शामिल करने की बात कही है। लेकिन अभी तक उनकी सिर्फ भारतीय पीएम से ही बात हुई है। दूसरे सदस्य देशों की मंशा अभी तक स्पष्ट नहीं है। वहीं भारतीय पीएम ने यह जता दिया है कि वे इसमें शामिल होने को तैयार हैं। ऐसे में यह देखना होगा कि ट्रंप की अगुवाई में जो नया वैश्विक मंच बनाने की कोशिश हो रही है उसमें और कौन-कौन से देश शामिल होते हैं। यह भी सवाल उपजता है कि अभी जो समूह-20 देशों का संगठन चल रहा है, उसकी महत्ता कम होती है या बनी रहती है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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